भारतकोश
सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग २

सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग २

Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 2

बाबूलाल ठाकुर द्वारा

स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)

DevanagariHindipublished454 पृष्ठ

पृष्ठ 71, कुल 454 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 71

षड्वर्गः विचार, : ६३

उदाह्रण--चन्द्र कुंभ का--२९-७'-५५”-२?-३०! के भीतर कुंभ के नीचे ३ विषुव का षष्ठ्यंश आया । सूर्य मीन-५%-४८-४५ ६-० के भीतर मीन के नीचे ११ कुंभ का षष्ठयंश आया अन्यमत--अंश का दुगुना करना कळा ३० से कम होतो १ जोड़ना ३० से अधिक कला होतो २ जोड़ना । योग में १२ का भाग देना, जो शेष बचे उस को इस प्रकार गिनना यदि राशि विषम हो तो उस राशि को १ गिनकर शेष संख्या तक गिनने में जो राशि आवे उसका षष्ठ्यंश होगा यदि राशि सम हुई तो उस राशि से शेष संख्या तक उल्टा गिनना जो आवे उसी राशि का षष्ठ्यंश होगा ।

उदाहरण सूर्य--१ १-५९-४०४५ । अंश ५% २-१० +- २=१२ ( कला से अधिक होने से २ जोड़ा )

१२--१२-शेष ०८१२ मीन । सूर्य मीन का समराशि है। मीन से १२ उल्टा गिना ।

मीन, कुंभ, मकर, धन, इस प्रकार से गिना तो मेष का षष्ठ्यंश आया । चन्द्र १०-२-७-५५” अंश २५२-४+-१८४५ (कला ३० से कम होने से १ जोड़ा ।) ५-+१२+शेष ५=िह । चन्द्र कुंभ का विषम है । कुंभ से सीधे ५ गिना । कुंभ मीन मेष वृष आदि गिनने से मिथुन का षष्ठ्यंश आया । षष्ठ्यंश का नाम और क्रम षष्ठ्यंश का नाम ओर क्रम विषम सम षष्ठ्यंश नाम विषम सम दाम १ ६० घोरांश # १६ ४५ अहि भागांश या (अहिअंश) २ ५९ राक्षांश $ १७ ४४ अमृतांश

३ ५५८ देवांश १८ ४३ चन्द्रांश ४ ५७ कुवेरांश १९ ४२ मृदांश ५ ५६ रक्षोगणांश या यक्षांश + २० ४१ कोमछांश या मुदु ६ ५५ किन्नरांश २१ ४० पद्मभागांश या हेरंब ७ ५४ भ्रष्टां २२ ३९ नक्ष्मीशांश या ब्रह्मा ८ ५३ कुछध्नांश + २३ ३८ वागीशांश या विष्णु ९ ५२ गरलांश # २४ ३७ दिगम्बरांश या महेश्वर १० ५१ अग्नांश २५ ३६ देवांश

११ ५० मायांश या आपांश २६ ३५ आर्द्राश १२ ४९ प्रेत पुरोशांश या पुरीशांश+ २७ ३४ कलिमाशांश . १३ ४८ वरुणांश या अपांपत्थांश २८ ३३ क्षितीश्वरांश

१४ ४७ इन्द्रांश या गरुत्वांशया २९ ३२ कमलाकरांश'

देवगणांश ३० ३१ मन्दात्यजांश + या मान्दी १५ ४६ कालांश ४ या गुलिकः