सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग २
Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 2
बाबूलाल ठाकुर द्वारा
स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)
पृष्ठ 83, कुल 454 में से
संदर्भ में पढ़ेंषड्वगं विचार : ७५
३६ द्रेष्काण की संज्ञा
राशि द्रेष्काण स्वरूप स्वामी
क्रम
१ मेष १. नर शस्त्र युक्त मंगल
२. पशु साँच्च द्रेष्काण, घोड़े सदृश मुख, सूर्य
३. नर दुष्ट द्रेष्काण शस्त्र युक्त गुरु
२ वृष १. स्त्री रोयेंदार | शुक्र
२. नर चोपाया बुघ
३. नर चौपाया शनि
३ मिथुन १. स्त्री बुध
२. नर पक्षी द्रेष्काण-हृथियार बन्द शुक्र
३. नर हथियार बन्द शनि
४ ककं प्. तर पशु चन्द्र
२. स्त्री मंगल
३. नर मनुष्य, सपं द्रेष्काण गुरु
५ मिह १. नर पशु पक्षी सूर्य
२. नर हथियार बन्द गुरु
३. नर पशु सायुध हथियार बन्द मंगल
इकन्या १. स्त्री बुध
२. नर सायुध शनिः
३. चर शुक्र
७ तुला १. नर मनुष्य शुक्र
२. चर पक्षी शनि
३. नर बन्दर की शकल का पशु बुध
८ वृश्चिक १. स्त्री सपं मंगळ
२. स्त्री सपं गुरु
३. नर चौपाया कछुआ की शकल, सिंह की शकक चंद्र
९ धन १. नर चौपाया घोड़े का शरीर या देह गुरू
२- स्त्री | मंगळ
३. नर सायुध सूर्यं
१० मकर १. नर पशु सांक ( बेड़ी ) में जकड़ी शनि
२. स्त्री शुक्र
३. नर सायुध बुघ
११ुंभ १- नर गरुड पक्षी का स्वरूप शनि .