भारतकोश
सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग २

सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग २

Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 2

बाबूलाल ठाकुर द्वारा

स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)

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८४ : सचित्र ज्योतिष शिक्षा, तृतीय फलित खण्ड

८--वृश्‍चिक लग्न के नवांश का फक (५) नवांश--भोक्ता ।

(१) नवांश--मालिक ।

(२) नवांश---राजा ।

(३) नवांश--नपुंसक ।

(४) नवांश--शूर ।

(५) नवांश---मजदूर ।

(६) नवांश--चाकर ।

(७) नवांश--पापी ।

(८) नवांश--घातकी ।

(९) नवांश--धै्येवान्‌ ।

९--धन लग्न के नवांश का फल

(१) नवांश--चोर ।

(२) नवांश--भोक्ता ।

(३) नवांश--पंडित ।

(४) नवांश--स्वामी ।

(५) नवांश--राजा ।

(६) नवांश- नपुँसक ।

(७) नवांश--शूर ।

(८) नवांश--हम्माल ।

(९) नवांश--चाकर ।

१०--मकर के नवांश का फल

(१) नवांश--पापी ।

(२) नवांश--घातकी ।

(३) नवांश--धर्यवान्‌ ।

(४) नवांश--चोर ।

(६) नवांश--पंडित ।

(७) नवांश--मालिक ।

(८) नवांश--राजा ।

(९) नवांश--नपुंसक ।

११--क्रुभ के नवांश का फल

(१) नवांश--शूर ।

(२) नवांश--मजदूर ।

(३) नवांश--चाकर ।

(४) नवांश--पापी ।

(५) नवाश--घातकी ।

(६) नवांश--धैयंवान्‌ ।

(७) नवांश--चोर ।

(८) नवांश--भोक्ता ।

(९) नवांश--पंडित ।

१२--मीन लग्न के नवांश का फल

(१) नवांश--स्वामी ।

(२) नवांश--राजा । .

(३) नवांश--नपुंसक ।

(४) नवांश--शूर ।

(५) नवांश--मजदूर ।

(६) नवांश--चाकर ।

(७) नवांश--पापी ।

(८) नवांश--घातकी ।

(९) नवांश--धैयंवान्‌ ।

टिप्पणी--कुम्भ लग्न का कुम्भ नवांश या द्वादशांश हो तो-विशेष बुरा फल

होता है ।

चंद्र का नवाश फल

(१) मेष लग्न-में चन्द्र यहाँ बताये (४) गुरु की दृष्टि हो-राज्य का कार्य कारी ।

नवांश में किसी नवांश में हो परन्तु निम्न (५) शुक्र की दृष्टि हो-जिमीदार ।

ग्रहों की दृष्टि हो तो उसका फल-

(१) सूर्य की दृष्टि हो-नगर का रक्षक ।

(२) मंगल की दृष्टि हो-घातक ।

(३) बुध को दृष्टि हो-कलहकारी ।

(६) शनि की दृष्टि हो-कलहकारी 1

(२) वृष लग्त-क्ते किसी नवांश प

चंद्र हो तो ग्रहों की दृष्टि का फल- , ` (१) सूर्य को दृष्टि हो-मुर्ख ।