सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग २
Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 2
बाबूलाल ठाकुर द्वारा
स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)
पृष्ठ 92, कुल 454 में से
संदर्भ में पढ़ें८४ : सचित्र ज्योतिष शिक्षा, तृतीय फलित खण्ड
८--वृश्चिक लग्न के नवांश का फक (५) नवांश--भोक्ता ।
(१) नवांश--मालिक ।
(२) नवांश---राजा ।
(३) नवांश--नपुंसक ।
(४) नवांश--शूर ।
(५) नवांश---मजदूर ।
(६) नवांश--चाकर ।
(७) नवांश--पापी ।
(८) नवांश--घातकी ।
(९) नवांश--धै्येवान् ।
९--धन लग्न के नवांश का फल
(१) नवांश--चोर ।
(२) नवांश--भोक्ता ।
(३) नवांश--पंडित ।
(४) नवांश--स्वामी ।
(५) नवांश--राजा ।
(६) नवांश- नपुँसक ।
(७) नवांश--शूर ।
(८) नवांश--हम्माल ।
(९) नवांश--चाकर ।
१०--मकर के नवांश का फल
(१) नवांश--पापी ।
(२) नवांश--घातकी ।
(३) नवांश--धर्यवान् ।
(४) नवांश--चोर ।
(६) नवांश--पंडित ।
(७) नवांश--मालिक ।
(८) नवांश--राजा ।
(९) नवांश--नपुंसक ।
११--क्रुभ के नवांश का फल
(१) नवांश--शूर ।
(२) नवांश--मजदूर ।
(३) नवांश--चाकर ।
(४) नवांश--पापी ।
(५) नवाश--घातकी ।
(६) नवांश--धैयंवान् ।
(७) नवांश--चोर ।
(८) नवांश--भोक्ता ।
(९) नवांश--पंडित ।
१२--मीन लग्न के नवांश का फल
(१) नवांश--स्वामी ।
(२) नवांश--राजा । .
(३) नवांश--नपुंसक ।
(४) नवांश--शूर ।
(५) नवांश--मजदूर ।
(६) नवांश--चाकर ।
(७) नवांश--पापी ।
(८) नवांश--घातकी ।
(९) नवांश--धैयंवान् ।
टिप्पणी--कुम्भ लग्न का कुम्भ नवांश या द्वादशांश हो तो-विशेष बुरा फल
होता है ।
चंद्र का नवाश फल
(१) मेष लग्न-में चन्द्र यहाँ बताये (४) गुरु की दृष्टि हो-राज्य का कार्य कारी ।
नवांश में किसी नवांश में हो परन्तु निम्न (५) शुक्र की दृष्टि हो-जिमीदार ।
ग्रहों की दृष्टि हो तो उसका फल-
(१) सूर्य की दृष्टि हो-नगर का रक्षक ।
(२) मंगल की दृष्टि हो-घातक ।
(३) बुध को दृष्टि हो-कलहकारी ।
(६) शनि की दृष्टि हो-कलहकारी 1
(२) वृष लग्त-क्ते किसी नवांश प
चंद्र हो तो ग्रहों की दृष्टि का फल- , ` (१) सूर्य को दृष्टि हो-मुर्ख ।