सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ३ (खण्ड १)
Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 3 (Part 1)
बाबूलाल ठाकुर द्वारा
स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)
पृष्ठ 10, कुल 418 में से
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«मिलेगी 1 इसके पहिले इस ग्रंथ का ज्ञान एवं गणित खंड. अवश्य अध्ययन कर लेना
चाहिये जिससे फळित खंड के समझने में सुगमता ' प्राप्त होगी । इस प्रकार इसके
अध्ययन द्वारा अपने ज्ञान. को विस्तीणं कर पाठकगण अपना अनुभव बढ़ाने के लिए
ज्योतिष शास्त्र रूपी सागर के पार जाने एवं कथन करने के लिये इसे नोका के रूप में
सहायक पायेंगे । र
ज्योतिष के ग्रन्य अधिकतर संस्कृत में होने से उनके अध्ययन में: कठिनाई होती है
.इस कारण सुगम बोध के विचार से यह राष्ट्रभाषा हिन्दी में लिखा गया है । इसके
अध्ययन से पाठको का प्रेम एवं झुकाव इस विद्या की ओर बढा तो मैं अपना उद्देश्य
सफल समझूंगा ।
भवदीय
विजयादशमी _ : बी० एल० ठाकुर
सं० २०१८ ` : ज्योतिषाचायं
दिनांक १९-१०-६१ सिंह-सदन
पो० नरसिंहपुर (म० प्र०)