सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ३ (खण्ड १)
Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 3 (Part 1)
बाबूलाल ठाकुर द्वारा
स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)
पृष्ठ 144, कुल 418 में से
संदर्भ में पढ़ें१२८ : ज्योतिष-शिक्षा, तृतोय फलित खण्ड
लगन कुण्डली
ग्रहों झा अला निकालने का उदाहरण--
_ अर्गला स्थान | २ २ | ४५१११ राहु | ९
J: _बाधक स्थान HE १०| ९ | ३| केतु | ५
rd के भाव में| ग्रह ग्रह ET [ह
|?
बाघक है या नहीं ।
राहु | १० | केतु दोनों समान नहीं हैं केन्द्र से
मिथुन घन हि. खण्ड में है अंश बराबर
fz. स्व. द्वि. स्व. | है इससे अगला में प्रवलता नहीं होने से नहीं लिया ।
गुरु ३ x वाघा नहीं सूर्य शुक्र | १२.| गुरु अगला कारक २ बाघक १ है
x ° ° तो बाघा नहीं ।
राहु ९| > बाघा नहीं ।
केतु ३|। x |
x
केतु | १२| + n
|
गुरु रु ° ° >
चंद्र बुध | १० | श. बाधक केवल १ है बाधा नहीं
शुक्र सूयं | ९| x बावा नहीं
१ १ x ° ° J” ” ” ”
चंद्र बुध | १२ | केतु बाघक केचल १, बाघा नहों
स्. शुक्र 2 Q ” ” ” 3”
१५ 12 o 9 31 11 ” ”
१ | मंगल | ३ | सूर्य शुक्र बाधक में अधिक हैं बाधा हुई
० x बाघक नहीं
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