भारतकोश
सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ३ (खण्ड १)

सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ३ (खण्ड १)

Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 3 (Part 1)

बाबूलाल ठाकुर द्वारा

स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)

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१२८ : ज्योतिष-शिक्षा, तृतोय फलित खण्ड

लगन कुण्डली

ग्रहों झा अला निकालने का उदाहरण--

_ अर्गला स्थान | २ २ | ४५१११ राहु | ९

J: _बाधक स्थान HE १०| ९ | ३| केतु | ५

rd के भाव में| ग्रह ग्रह ET [ह

|?

बाघक है या नहीं ।

राहु | १० | केतु दोनों समान नहीं हैं केन्द्र से

मिथुन घन हि. खण्ड में है अंश बराबर

fz. स्व. द्वि. स्व. | है इससे अगला में प्रवलता नहीं होने से नहीं लिया ।

गुरु ३ x वाघा नहीं सूर्य शुक्र | १२.| गुरु अगला कारक २ बाघक १ है

x ° ° तो बाघा नहीं ।

राहु ९| > बाघा नहीं ।

केतु ३|। x |

x

केतु | १२| + n

|

गुरु रु ° ° >

चंद्र बुध | १० | श. बाधक केवल १ है बाधा नहीं

शुक्र सूयं | ९| x बावा नहीं

१ १ x ° ° J” ” ” ”

चंद्र बुध | १२ | केतु बाघक केचल १, बाघा नहों

स्‌. शुक्र 2 Q ” ” ” 3”

१५ 12 o 9 31 11 ” ”

१ | मंगल | ३ | सूर्य शुक्र बाधक में अधिक हैं बाधा हुई

० x बाघक नहीं

९ x

š x

षु x

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