सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ३ (खण्ड १)

सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ३ (खण्ड १)
Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 3 (Part 1)
बाबूलाल ठाकुर द्वारा
स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)
DevanagariHindipublished418 पृष्ठ
पृष्ठ 146, कुल 418 में से
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१३० : ज्योतिष-शिक्षा, तृतोय फलित खण्ड
।
१२ | गुरु
बु
णु
x
x
सू | बाधक ग्रह अधिक हैं। बाघा हुई x
j q x
Tg
x २ | मंगल वृश्चिक| बाघक स्थिर में sas हुमा । x
स्थिर arar हुई x
° बाघा नहीं गु,
१० | > x र्यं २.
x | x x
१२ | केन्द्र बाधक कम ग्रह बाधा नहीं हुई gas.
बाधा सू.शु.
x
बाधक ग्रह कम हैं वाघा नहीं हुई हि. शु.
x | x
९| x बाधक नहीं र
३| > x केतु
x | x x
१० | केतु | दोनों समान बली ë अर्गला प्रवल | x
I घन नहीं है ।
३ | राहु | बाधक द्वि. भाव में हे बाघा हुई x
मिथुन हवि.स्व. x | x x
0 ० राहु
९ | केतु | बाघक हिस्वभाव में वळी š x
: बाबा हुई
.स्व.
३| > बाधक नहीं है चंद्रगुरु
१२ | x राहु x
१० चं. | बाधक में अधिक ग्रह बाघा हुई x
31 > वाधा नहीं सू. शु.
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