भारतकोश
सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ३ (खण्ड १)

सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ३ (खण्ड १)

Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 3 (Part 1)

बाबूलाल ठाकुर द्वारा

स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)

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१३० : ज्योतिष-शिक्षा, तृतोय फलित खण्ड

१२ | गुरु

बु

णु

x

x

सू | बाधक ग्रह अधिक हैं। बाघा हुई x

j q x

Tg

x २ | मंगल वृश्चिक| बाघक स्थिर में sas हुमा । x

स्थिर arar हुई x

° बाघा नहीं गु,

१० | > x र्यं २.

x | x x

१२ | केन्द्र बाधक कम ग्रह बाधा नहीं हुई gas.

बाधा सू.शु.

x

बाधक ग्रह कम हैं वाघा नहीं हुई हि. शु.

x | x

९| x बाधक नहीं र

३| > x केतु

x | x x

१० | केतु | दोनों समान बली ë अर्गला प्रवल | x

I घन नहीं है ।

३ | राहु | बाधक द्वि. भाव में हे बाघा हुई x

मिथुन हवि.स्व. x | x x

0 ० राहु

९ | केतु | बाघक हिस्वभाव में वळी š x

: बाबा हुई

.स्व.

३| > बाधक नहीं है चंद्रगुरु

१२ | x राहु x

१० चं. | बाधक में अधिक ग्रह बाघा हुई x

31 > वाधा नहीं सू. शु.

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