सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ३ (खण्ड १)
Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 3 (Part 1)
बाबूलाल ठाकुर द्वारा
स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)
पृष्ठ 283, कुल 418 में से
संदर्भ में पढ़ेंकालांग विचार $ २६७
३--यदि यह ग्रह स्वगृही हो या स्थिर राशि या स्थिर नवांश में हो, कुछ की राय
में यदि शनि उस ग्रह के साथ हो, तो यह चिह्न जन्म से ही होगा । यदि ऐसा न हो तो `
जन्म के पश्चात् उस ग्रह की दशा अंतदेशा में घाव व्रण आदि होंगे ।
४--जन्म प्रश्न या गोचर में जो राशि पापाक्रांत हो उस राशि वाले अंग में तिल:
ससा या चोट आदि का चिल्ल होगा। जो राशि शुभ से युक्त ६ व६ अंग
पुष्ट होगा ।
तिल मसा व्रण घाव आदि होने के अन्य योग
(१) घाव--षष्ठ भाव में यदि कोई पाप ग्रह हो तो उस अंग में भी जो छठे भाव
की राशि से प्रगट हो, घाव होगा ।
तिल मसा--परन्तु छठे भाव में बेठे पाप ग्रह पर शुभ ग्रह की दृष्टि हो तो केवल.
तिल मसा आदि होंगे या छठे शुभ ग्रह हो तो भी लहसन तिल मसा आदि होंगे ।
(२) ब्रण या मसा--यदि शुक्र अशुभ होकर किसी द्रेष्काण में हो तो उस अंग]में
ब्रण आदि होंगे परन्तु वैसे शुक्र पर शुभ ग्रह को दृष्टि हो तो केवल मसा आदि होंगे ।
यदि वैसे शुक्र के साथ कोई शुभ ग्रह बैठा हो तो उस भंग में कोई शुभ सूचक
चिह्न होगा । :
अशुभ शुभ” शुक्र रवि से ५ अंश के भीतर रहने से, अशुभ नवांश गत होने से,
छत्रुगुही या नीच का होने से अशुभ कहा जाता है 1 x
(३) ब्रण आदि--जिस स्थान में सूरय चंद्र हों उसके सदृश कार पुरुष के अंग में
बल के अनुसार और चर आदि वश से सहज ( जन्म से ही ) या आगन्तुक ब्रण आदि
कहना ।
(४) ब्रण--जिस द्रेष्काण में अणुम या पाप ग्रह बैठे हों और उनके साथ बुध भी
हो तो उस अंग में त्रण होगा । बलवान् ग्रह इनमें जो हो उसकी दशा में त्रण होगा ।
रिपुगृही पाप ग्रह भी व्रण करते हैं। यदि शुभ ग्रह से युत-दृष्ट हो तो तिळ या कोई
चिह्न करता है ।
(५) शनि राहु ये दोनों जहाँ हों उस अंग में तिल लांछन आदि कृष्ण चिह्न
करते हैं ।
(६) सूर्य मंगल जहाँ हो रक्त चिह्न करते हैं ।
(७) चन्द्रमा जहाँ हो उस अंश में मसा आदि चिह्न होंगे 1
(८) सूर्य चंद्र एकत्र एक राशि में हों तो वहाँ तिल मसा आदि होंगे ।
(९) पाप ग्रह के साथ शुभ ग्रह हो या यह पाप ग्रह शुभ नवांश में हो तो चिह्न
नहीं करेगा यदि करेगा भी तो शोप्न दूर हो जायेगा । !
(१०) जो ग्रह अपने नवांश देष्काण में हो ओर स्थिर राशि में हो तो पूर्वोक्त चिह्न
स्थिर होंगे इसके विपरीत हो तो चिल्ल बाद को होंगे ।