भारतकोश
सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ३ (खण्ड १)

सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ३ (खण्ड १)

Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 3 (Part 1)

बाबूलाल ठाकुर द्वारा

स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)

DevanagariHindipublished418 पृष्ठ

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२८६ : ज्योतिष-शिक्षा, qata फलित खण्ड

चाला, सुखी, (मान सा०) (जा० भ०) । नोच कर्म करने वाला, पुत्रों के ऐषवयं से

. रहित, निर्धन, (वृ० जा०) पुत्रादि भाग्य से हीन (जा० पारि०) ।

(१२) सूर्य मीन का--क्रम विक्रय से बहुत घनवान्‌, अपने जन द्वारा बाह्य सुख

प्राप्त परन्तु बड़े भारी अंतरंग किसी भय से युक्‍त, बड़ा बुद्धिमान्‌, उसके वैभव भौर

सौन्दर्य के कारण विस्तृत अद्भुत और चहुँओर यश पानेबाला (मान सा०) (ste भ०)।

जल से उत्पन्न मोती आदि रत्नों के व्यापार से ऐश्‍वये पावे, स्त्रियों का पूजनीय,

(बु० जा०) जल से और कृषि आदि से श्रोमान्‌ हो (जा० पारि०) ।

२-चन्द्र का राशिफल

(१) चन्द्र मेष का--स्थिर घन से युक्त, श्रेष्ठ जनों से रहित, पुत्र युक्त, अपनी

स्त्री से पराजित, अद्भुत ऐइवयं के कारण सतकीति प्राप्त हो, (मान सा०) । कामी,

भ्रमण शील, अस्थिर घन, शूरवोर, स्त्रियों का प्यारा, जल से भय, अति चपल, सेवा

जानने वाला, (वृ० जा०) । £

(२) चंद्र वृष का--गम्भीर विचार, उत्तम बुद्धि, शोभित शरीर, बड़ा कुशळ,

“भोगी, विलासी, श्रेष्ठ कर्म करने वाला, काव्य करने वाला, कुशलता से सोस्य प्राप्त,

(मान are) (जा० भ०) देने में उदार, क्लेश सहने वाळा, उसका आज्ञा कोई भंग न

करे, कुटुम्ब घन व पुत्र से रहित, सौभाग्य युक्त, सबका प्यारा, गाढे मित्र, (बुन्म्ज्ञा[०) ।

(३) चन्द्र मिथुन का--सबका प्रिय कर्ता, हाथ में मत्स्य रेखा, रति सुख भोगी,

स्त्रियों को अतिप्रिय, सज्जनता युक्त, मनुष्य इसका गौरव करते हैं, देव कार्य में लोन,

(मान सा०) (जा० भ०) । काम शास्त्र में चतुर, स्त्रियों का अति अभिलाषी, शास्त्रच,

दूतकमं, चतुर वुद्धि, सबको Car वाला, जुआड़ो, मीठो बोली, नाच गीत का प्रेमी,

पमन की बात चिल्लो से जानने वाला 1

(४) चन्द्र ककं का--शास्त्र व गान विद्या कला आदि का ज्ञाता, शारीरिक बल से

निर्मल व्यापार वाला, पुष्प गन्ध प्रेमी, जल में क्रीडा करने वाला, भूमि सहित, श्रेष्ठ

बुद्धि से मनोरथ प्राप्त करे या घन सम्पादन करे, (मान सा०) (जा० भा०) । कुटिल,

शीघ्र गामी, अच्छे मित्र, स्त्री के वश, ज्योतिष शास्त्र ज्ञाता, बहुत घर हों, कभी घनी

कमी निर्धन, मित्रों का प्यारा, जलाशय बगीचा आदि से प्रेम (qo जा०) ।

(५) चन्द्र सिंह का--वन पर्वत में जाने से मनोरथ सिद्ध करने वाला, घर में कलह

कारक, जिससे विकलता प्राप्ति हो । पेट में पीडा, तेज से रहित शरीर, यशहीन (जा०

म०) (मान सा०) 1 क्रोधी, अल्प सन्तान, स्त्रियों का द्वेषी, निकम्मे क्रोध करे, दाता,

पराक्रमी, अभिमानी, मातृ भक्त, मानसिक पोड़ा, मांस वन पर्वत प्रिय (व० जा०) ।

(६) चन्द्र कन्या कॉ- स्त्रियों के साथ अधिक विलास, कोौतुक युक्त, श्रेष्ठ शील,

कन्या सन्तान के उत्सव युक्त, श्रेष्ठ भाग्यवान्‌, निर्बल आचरण, (जा० भ०) (मान सा०) 1

मधुर, वाणो, सत्य वक्ता, गीत नृत्य वाद्य आदि का प्रेमी, पुस्तक, चित्र कमं आणि में