भारतकोश
सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ३ (खण्ड १)

सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ३ (खण्ड १)

Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 3 (Part 1)

बाबूलाल ठाकुर द्वारा

स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)

DevanagariHindipublished418 पृष्ठ

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ग्रह, उनके नाम और गुणःघमं : ४५

मंगल--लंका से कृष्णा नदी तक मंगल--अवन्तो

_ शुक्र--कोकट शुक्र--कृष्णा नदी से गौतमी नदी तक गुरु--सिन्धु गुरु--गौतमी नदी से विध्य पर्वत तक वुघ--मगघ बुघ--विघ्य पर्वत से गंगा नदी तक शनि-सोराष्ट्र शनि--गंगा से हिमालय तक राहु--अम्बर (जातक पारिजात) केतु--पवेत (फलदीप) ग्रह तत्व पर से मैत्री विचार

यदि एक राशि और एक ही अंश पर वायु, अग्नि तथा पृथ्वी ग्रह (शनि, मंगल, बुध) हों तो आँधी आती है । j अग्नि + आकाश = मंगल गुरु = भूकम्प । अग्नि + जळ = सूर्य या मंगल + चन्द्र या शुक्र = वर्षा । कोन ग्रह कहाँ पीड़ा करते Š

१ सूयं--सिर या मुख में

२ चन्द्र--छाती या गले में ३ मंगल--पीठ ओर पेट में ४ बुध--हाथ, पैर में

जो ग्रह गोचर अष्टक वर्ग

आदि में प्रतिकूल हों वह

यहाँ बताये अंग में अपने ५ गुरु--कमर और टाँगो में दोष को उत्पन्न करते हैं । ६ शुक्र--गुप्त स्थान गुदा अंडकोष आदि में ७ शनि-घुटना या जांघ में ग्रह कब फल देते Š

सूयं-मंगल राशि के आदि में

शनि-चन्द्र ,, मध्य में

Te ,, न्त में

वुध- ` सम्पुणं राशि में

ग्रह राशि में कब फल देते हैं |

१ सूयं-राशि में जाने से ५ दिन पहले देता है ।

२ मंगल- ,, ,, ८दिन ,, ,,

३ बुष- , PE ७ दिन l;

४ शुक्र, ,, ,, ९ दिन ,, ,,

५ चन्द्रमा- ,, , रेघड़ो ,, ,,

६राहु- , ४ ३ मास ,, ,,

७ शनि- Hh द मास ,, ,,

८ गुरु- 2 गा ` २ मास ,, iO