भारतकोश
सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ३ (खण्ड १)

सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ३ (खण्ड १)

Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 3 (Part 1)

बाबूलाल ठाकुर द्वारा

स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)

DevanagariHindipublished418 पृष्ठ

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ग्रह, उनके नाम और गुण-धमं : ४७

कौन ग्रह किससे मृत्यु करता है

१ सूर्य-अग्नि से र

२ चन्द्र-जल से छ

३ मंगल-शीत से

४ गुरु-पेट' रोग से

५ शुक्र-तृषा ( खुदकी ) से

६ शनि-क्षुधा से

` ७ वुघ-त्रिदोष से

कौन ग्रह के साथ किसका बल विफल ग्रह

बढ्ता है १ सूर्य के साथ न्द्र

१ सूयं के साथ-शनि का वल बढ़ता है २ लग्न से चोथे-भाव में-बुध

२ शनि n n मंगल , ,, ३" ,, पांचवें ,, -गुरु

है काल के CPU उ क ४ , दूसरे ,, -मंगल

v गुरु 19. “चन्द्र च.) ” ५ चन्द्र केद्वारा-शुक्क , ,, पलटे ७७ तर

qq , त्वष: , ,, » ६ ४ सातवें ,, “शनि

७ बुघ ऱ्य —= ” ”

किस ग्रह से क्या विचारना

१ सुर्य--शरीर = पिता, आत्मा, प्रताप, आरोग्यंता, आसक्ति, लक्ष्मी,

२ चन्द्र--मन = बुद्धि राजाकी प्रसन्नता, माता और घन

३ मंगल--बल = पराक्रम, रोग, गुण, माई, भूमि, शत्र, और जाति

४ बुघ--वाणी = विद्या, बंधु, विवेक, मामा, मित्र और वचन

५ गुरु-ज्ञान व सुख > बुढि, शरीर, पुष्टि, पुत्र, और ज्ञान

६ शुक्र--कामदेव =स्त्री, वाहन, भूषण, कामदेव, व्यापार और सुख

७ शनि--दुःख = आयु, जीवन, मृत्यु, कारण, विपत और सम्पत्ति ।

८ राहु"-पितामह (आजा)

९ केतु--मातामह (नाना)

कोन ग्रह किसके द्वारा चिह्न करते है

१ सूयॅ--काठ और चौपायों से ब्रण का :

२ चन्द्र--सींग मारने या जल जीव के काटने का

३ मंगल--विष अग्नि या शस्त्रकुत

४ बुघ, मंगल, शनि--मनुष्य कृत या पत्थर लगने से