भारतकोश
सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ३ (खण्ड १)

सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ३ (खण्ड १)

Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 3 (Part 1)

बाबूलाल ठाकुर द्वारा

स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)

DevanagariHindipublished418 पृष्ठ

पृष्ठ 7, कुल 418 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 7

(ग )

पूवंक फळ कथन कर सकता है । डाक्टर तो यंत्रों द्वारा बहुत कुछ शरीर के रोगों का निदान कर लेता है परन्तु ज्योतिषी को तो केवल अनुमान से हो. काम लेना पड़ता है ।

इससे प्रगट होगा कि ज्योतिष कितनो कठिन विद्या है जिसके लिये निरंतर अभ्यास की

आवश्यकता है। परन्तु यह एक जनप्रिय एवं मनउल्लास विद्या भो है । जिसके कारण

यह जनता के आकर्षण का विषय बनो हुई है । जब कोई कुण्डली या वर्षफल बनवाते

हैं और उसकी अधिकांश बातें सत्य निकलती हैं वव इस विद्या पर लोगों का विश्वास

बढ़ कर इसके अव्ययन की ओर रुचि बढती है । और इसके अध्ययन में आनंद आता

हे और जब फल ठोक उतरता हूँ तब प्रसन्नता होती है ।

कई मनुष्यों को शंका है कि भविष्य का फल जाना नहों जा सकता । इसके विषय

में कुछ घटनाएँ लिखूगा । कई स्वप्न भो भविष्य-दर्शंक होते हैं जिनका कई लोगों ने

अनुभव किया होगा 1 यहाँ भविष्य दशक स्वप्न की एक घटना का वर्णन करूंगा ।

मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में चन्द्रभूषण त्रिवेदी ने, जो नरसिंहपुर पुलिस

लाइन्स के लाइन आफीसर हो गये थे, सन्‌ १९२१ में प्रातःकाछ स्वप्न देखा कि एक

ब्राह्मण की श्वेत गाय जो कुछ दिन में व्याने वाली थी उसको शेर ने मार डाला ।

श्री बद्रीप्रसाद शुक्ल डिस्ट्रिक्ट सुपरिन्टेन्डेन्ट पुलिस नरसिंहपुर के गोटे गाँव थाने के दोरे

पर, जाने वाले थे । उनके रोडर श्री मुहम्मद अब्बास से त्रिवेदी जी ने अपने स्वप्न का

हाल बताया और यह भी वताया कि साहिब वहाँ गये हैं और उस शेर को साहिब ने

मार डाला हे ऐसा भी स्वप्न में देखा गया है । वहाँ दोरे पर साहब के रीडर ने स्वप्न

का हाल साहव को बताया उस समय साहब लाहगांव में ठहरे थे । साहब ने अपने केम्प

में चंद्रभूषण त्रिवेदी को बुलाकर स्वप्न का पूरा हाल सुनाः। दूसरे दिन ही सूचना

मिली कि : मील पर मोजा मंजनी में शेर ने एक घोड़ा मार डाला है जहाँ शिकार के

लिये घोड़ा बॅधवाया गया था । साहब वहाँ गये शेर का हांका कराया परन्तु शेर नहीं

मिला । दूसरे दिन साहब का केम्प पहाड़ी खेड़ा था जहाँ दूसरे दिन साहब जा रहे थे ।

मार्ग में हयात खाँ मालगुजार मिले उन्होंने साहब से बताया कि मोजा मवई की एक

ब्राह्मण को स्वेत गाय जो हाळ में व्याने वालो थी आज प्रातःकाल उसे शेर ने मार

डाला । तुरन्त हांका का प्रबन्ध हुआ शेर निकला जिसे साहब ने मार डाला । वह स्वप्न

पूरा सत्य निकला 1

अनेक भविष्यवक्ता हो गये हूँ जिनका भविष्य कथन सत्य, निकला उनमें से एक

दो लोगों का यहाँ वणंन-कर देना उचित समझता हूँ । सुतान मालिक शाह के समय

में खुरासान में प्रसिद्ध शायर उमर खैयाम सन्‌ १०२५ में उत्पन्न हुआ था जिसकी

शायरी प्रसिद्ध है । -वह अद्भुत प्रतिभाशाली और बड़ा विद्वान्‌ था । वह ज्योतिष का

भी पुर्ण विद्वान्‌ था। इसने अपनी मृत्यु के ११ वर्ष पूवं अपनी मृत्यु की ठीक तिथि

.

सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ३ (खण्ड १) · पृष्ठ 7, कुल 418 में से · BharatKosha