भारतकोश
सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ४

सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ४

Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 4

बाबूलाल ठाकुर द्वारा

स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)

DevanagariHindipublished280 पृष्ठ

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१०२ : सचित्र ज्योतिष शिक्षा, चतुथं वर्षफल खण्ड

ग्रह . सूर्य चंद्र मंगल राहु गरु दानि बुध केतु शुक्र योग दशा दिन १८ ३० २१ ५४ ४८ ५७ ५१ २१ ६० ३६०दिन या मास दिन ०-१८ १-० ०-२१ १-२४ १-१८ १-२७ १-२१ ०-२१ २-० या १२मास . उदाहरण

मान लो जन्म नक्षत्र २३ घनिष्ठा है, गताब्द ५६ है। जन्म नक्षत्र धनिष्ठा-२३ ७७ - ९-होष ५ गुरु की दशा । +गयताब्द ५६ = पांचवीं गुरु की दशा में वर्ष प्रवेश. हुआ योग=3९

रे

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मुद्दा दक्षा की भोग्य दक्षा निकालना

(१) रीति=१२ मास में से जन्म का चन्द्र स्पष्ट घटाना । जो वचे सव की कला

बना कर ८०० कला का भाग देना । लब्धि को छोड़कर रोष कला विकला ग्रह की दशा के दिन से गुणा कर ८०० का भागदेना तो घटी पल=भोग्य दशा उस ग्रह की हुई ।

दूसरी रीति-(जन्म नक्षत्र भुक्त घड़ी > आरंभ महादशा दिन)=जन्म नक्षत्र भभोग घड़ी=भुक्त दशा दिन घटी । (महादद्या सवंदिन=भुक्त दशा दिन)-भोग्य दशा दिन घड़ी ।

उदाहरण--रीति पहली-मान लो जन्म का चंद्र १० रा-०१-४८”” है ।

१२रा-०९-०/-०/” ३५१-०२ ५००)१६८५९-३६(२१ दिन जन्म चंद्र १०-०-४८-८५ गुरु दिन % ४८ १६००

शेषः १-२९-११-५२ २८०८ ४१६ ८८९ =३५५१'-५२” १४०४ २०८ ८००

८००)३५५१८-५२” (४ १६८४८ २४९६--६० ५९१८ ६० _३२०० --४१ 2३६ ५३४०-- ३६

“दोष ३५१-५२ १६८८९ -३६ ८००)५३७३(६ घड़ी

१६८८९-३६/” ४८००

८०० ५७६५६०

६००)३४५६०(४३ पल

३२००

२५६०

२४००

१६०