भारतकोश
सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ४

सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ४

Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 4

बाबूलाल ठाकुर द्वारा

स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)

DevanagariHindipublished280 पृष्ठ

पृष्ठ 129, कुल 280 में से

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पृष्ठ 129

पत्यांथ दया साचत : ३२३

दि० घ० प० वि० इदेळचरळ

(१) शुक्र ध्रुव १-३२-१६-२१ > शुक्र पत्यांशझ._ १-४६-३२-श्वक्त अंतर २-४३-३०

(९) ७ 12 शति ,, ४-४१-२०य्यनि ,, ५-१२-३९

(३) 7? „» श्चन्द्र „ ४-४३-१९यबन्ः ,, ७-११-४२

(४) ` # » वृध. „ ३-३८-५४बुध „ ५-३६-२९

(५) (1 (11) > गुरु (1 २-१५-३०-गुर १1 २-३३-०

६) ७ ह > मंगल ,, ०-२७-५१-मंगल ,, ०-४२-५०

(७) - १, „. हल र», १-२६-१५-छरन ,, २-१३-४०

(५) ' # ,॥/ >सूर्य ,, १-१९-५३चसूर्य__,, २-२-५१

योग=३१-२१-११

(६) शनि अंतर्दशा

दि घ० प० | 11)

शनि ध्र वन्ञनि दशा ८२-४८-४९ ॐ पत्याँश्च योग २०-२३-१४ दि०घ०प०वि०

= „ २९८०६९पल-ॐ » ७३३९४=४-३-४०-२२

ह दि०घ०प०वि० `) दि०घ०प्‌०

| | शनि ध्रुव ४-३-४०-२२ > शनि पत्यांश ४-४१-२०-शनि अंतर १९- २-३२

२ | 2] > चंद्र 22 ४-४२३-१९-्चन्द्र ,, १९-१ ०-३७

३ i 11 *वुध' ।, ३-३८-५४-बुध „ १४-४९-०

(४) „» „ > गुरु ` „ २-१८-३०ब्र ,, ९-२२-५९

iy ती „» *%मंगल _, ०-२७-५१-मंगल , १-५३-९

(६ 9) „ र?८लग्न , १-२६-५५ , ५०५२०१७

(७) र „ >सूर्य ७ १-१९-५३न्सूर्यं ,, ५०२४-२६

(ब) रा 1 शुक्र ,, '१-४६-२रऱ्शुक्र_,,__७-१२०२९

योग. ८२-४७-४९

(७) चन्द्र अन्तर्दशा

चन्द्र ध्रुव=चन्द्रदशा ८३ दि० २२ घ० ५० ५० न पत्यादा योग २०-२३ १४ दि०्घ०प०वि०

३००१७० पल + = ,, ७३३९४/-४-५-२३-२६

दि०्घ०प०वि० 2१ दि० घ० प०

(१) चन्द्र ध्रुव ४-५-२३-२६ ? चन्द्र पत्यांश ४-४३-१९=चब्द्र अंतर १९-१८-४३

(२) १ 1) % बुध „» ३-३८-५४-बुध A

(३ शां 1) x गुरु र २-१८-३ ण्न्युर 2 ९-२६२७

  1. गर 1? % मंगल गा ०-२७-५१-मगल £ १-५३-२४

(५) हि कः %लग्न » १-२६-५३-छगत्‌ » शशरर

£) कश, १ (सूर्य ,, १-१९श्क्न्सूय. ५ ५-२६-४२

७) छ क > शुक्र #„ १-४६-३२-शुक्र ?ः ७-१५-४२

८) 07 [7] २८ शनि 11 ४-४१-२०-शनि 1) ११-१०-३६

| योग-५८३-०२ २-५०

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