सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ४
Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 4
बाबूलाल ठाकुर द्वारा
स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)
पृष्ठ 138, कुल 280 में से
संदर्भ में पढ़ें१३० : सचित्र ज्योतिष शिक्षा, चतुर्थ वर्षफल खण्ड
क्र्म नाम सहम समय शोधक शोध्य जो जोड़ना
२१ गुरुता सहम ) दिन सूर्योच्च ०|१० सूर्य + लग्न
मंडलेश ,, रात चंद्र उच्च१|२ चंद्र + लग्न
गुरु 32
२२ जल मार्ग } दिन ककं अद्धं ३/१५ --लग्न
जल पय रात शनि कर्क अद्धं ३/१५ रग्न
२३ सामर्थ सहम दिन मंगल लग्नेश क लग्न
रात लग्नेश मंगल + लग्न
जब्र मंगळ ही लग्नेश हो तो दिन या रात्रि में
मंगल के स्थान में वृहस्पति से शुद्ध करना ।
२४ काम सहम दिन चंद्र लग्नेश --लग्न
मन्मथ ,, रात लग्नेश चंद्र +लग्न
यदि लग्नेश चंद्र हो तो दिन रात में
सूयं में से लग्नेश चंद्र घटाना
२५ गौरव सहम दिन वृहस्पति चन्द्र +सूयं
( सूर्यं राशि )
रात वृहस्पति सूयं +चन्द्र
( चन्द्र राशि )
शोध्य शोधक के बीच दिन को सूर्य,
रात को चंद्र न हो तो १ जोड़ना
२६ कार्यं सिद्ध ,, द्नि शनि सूय + सूर्यं राशि
का स्वामी
रात शनि चंद्र + चंद्र राशि
का स्वामी
२७ अश्व सहम दिन पुण्य सहम सूय +-११ भाव
लाभ भाव
रात सूय पुण्य सहम +११ भाव
लाभ भाव
२८ बुद्धि सहम दिन बृहस्पति सूर्य + लग्न
रात सूर्य बहस्पति + लग्न
२९ चतुष्पद सहम दिन १२ भाव भाव -- लग्न
पशु /,, रात्रि ६ भाव १२ भाव + लग्न
३० गज सहम } दिन चन्द्र बृहस्पति --ल्ग्न
रात चन्द्र बृहस्पति लग्न