सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ४
Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 4
बाबूलाल ठाकुर द्वारा
स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)
पृष्ठ 137, कुल 280 में से
संदर्भ में पढ़ेंक्रमः
१३
१४
१५
१६
नाम सहम समय
जीवित ,, |
जीव ,, द्नि उपाय ,, रात
ऐश््व्ये [1 | ) 3 कर्म सहम दिन
रात
कलि सहम) दिन कलह ,, रात क्षमा ,,
शास्त्र सहम दिन
रात
बंदक सहम |. दिन पराश्रय ,, रात
भृत्य 1? J पर कर्मं सहम ) दिन
अन्य कर्मे ,, | रात
पर कार्यकारी, >
हस्त „ दास्य ,,
पानीय पतन सहम ] दिन जलप ,, रात जल पात ,, भ् जल में वह जाना
प्रसृत सहम ) दिन सूति ,, | रात
आधान ,, ba
गर्भ ,, 1
जाडच सहम दिनि रात
शत्रू, सहम दिन
अंग ,, रात
बंधन सहम दिन रात
दारिद्र सहभ दिन रात
सहम विचार : १२९
*शोधक शोध्य जो जोड़ना
` शनि वृहस्पति लग्न वृहस्पति शनि +ळग्न
मंगल बुध +लग्त
बुध मंगल -- लगन
वृहस्पति मंगल +छूप्न मंगल वृहस्पति --लग्न
वृहस्पति शानि +बरुध
शनि वृहस्पति
शोष्य शोधक के बीच बुध न हो तो
१ जोड़ना
चंद्र - बुध ज लग्न बुध चंद्र +छग्न
चंद्र शनि +लग्न
शनि चंद्र
शनि चन्द्र -- लग्न
चन्द्र शनि न्लग्न
वृहस्पति बुध लग्न
बुध वृहस्पति -- लग्न
मंगल शनि +बुध शनि मंगल +बुध
मंगल शनि रग्न
शनि मंगल लग्न
पुण्य सहम शनि लग्न शनि पुण्य सहम + लग्न
पुण्य सहम बुध न बुध बुघ पुण्य सहम --बुध