भारतकोश
सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ४

सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ४

Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 4

बाबूलाल ठाकुर द्वारा

स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)

DevanagariHindipublished280 पृष्ठ

पृष्ठ 143, कुल 280 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 143

सहम विचार : १३५

पुण्य सहम ८-१५४५-२४-२७ इसी प्रकार आगे भी समझ लेना !

"मंगल १०- २-४६-२१

दोष-१०-१२-३८- ६

+छर्न ५ ¬ ४-१३-१६

८३ -१६-५१-२२

(६) आशा सहम (७) राज सहम

=इच्छा सहम =पितृ सहम -शनि २-१९-११ शनि २-१२-११

-शुक्न ०७-१९-३१ “सूर्यं ११-४-३३-९

दोष २-४४१-२० दोष ३-६-२४-५२

  • लग्न ५४-१३-१६ न लग्न ५-४१३-१६

=७-८-५४-३६ =५—१०-४९-८

_शुश्+१ _ शु०--१

=८-८-५.४-३६ =९-१०-४।-५

(९) जीवित सहम (१०) कर्म सहम

उपाय=ऐक्वर्य सहम

शनि २-१२-१-१

` बृहस्पति ५२-१८-३०

दोष ९-९४२-३१

  • लग्न ५-४१३-१६

=२-१३-५५-७७

. (१२) शास्त्र सहम

बृहस्पति ५-२-८५३०

-शनि_ _ २-१२-१-१

शेष २-२०-१७-२९

  • बुध११-२०-२३-१४

= २-१०-४०-४३

शु०__ ०१

= ३-१०-४०--४३

मंगल १०-२-४६-२१

-बुध ११-२०-२२-१४

दोष १०-१२-२ ३-७

नी रूरन ५-४-१३-१६

=३-१६-३६-२३

(१३) बंदक सहम

चंद्र १-१६-४४२०

-बुध ११-२०-२३१४

हेष १-२६-२१-६

त लग्न ५-४-१३१६

= ७०-३४-२२

2 CBS +१ re

= ८-०३४-२२

(८) मातृ सहम

_ =जल सहम

चंद्र १-१६-४४२०

शुक्र ७-१९-४१ ७०१९०४१

रोष=१- ८-२४-३९

--लग्त५- ४-१३-१५

=६-१२-३७-५%

शु०--१

.७-१२-३२७-५*

(११) कलि सहम जकलह सहम

वृहस्पति ५-२-१८-०३०

"मंगल १0२० २

दोष ६-२५-३२-९

+लग्न ५-४-१३-१६

__ ८००-३-४५-२५ नुः, ०१

ह =१- ३-४५-२५

(३४) पटकमं सहम

=अन्य कर्म

चंद्र १-१६-४४२०

श्नि २-१२-१-१

होप ११-४-४३-१%

` ।- लगन ५४-१३-१६

= ४-८५६-३५

यहाँ बृहस्पति के आगे शनि

के बीच में बुध पड़ा है इस कारण १ जोड़ा