सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ४
Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 4
बाबूलाल ठाकुर द्वारा
स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)
पृष्ठ 146, कुल 280 में से
संदर्भ में पढ़ें१३८ : सचित्र ज्योतिष शिक्षा, चतुर्थ वर्षफल खण्ड
(३६) मृत्यु सहम
मृत्यु भाव ०-४-१५-१७ -चंद्र _ १--१६-४४-२० घनभावेशशुक्र ०-७-१९-४१
शेप १०-१७-३०-५७
शनि २-१२- १- १
योग ०-२९-३१-५८
- उपरोक्त दोनों के वीच शनि
नहीं है इससे १ नहीं जोड़ना पड़ा
(३९) वाणिज्य सहम
चन्द्र १-१६-४४-२० "जप 10-२०-२३-१४ दोष १-१६-२१- ६
न लग्न ५० ४-२३-१६
योग= ७- ०-२४-२२
शु०+ १
=¬ ०-३४-२२
(४२) श्रद्धा सहम
(३७) धन (अर्थ) सहम (३८) पर स्त्री हरण
धन भाव ६-४-१५-१७ शुक्र ०-७--१ ९-४१
-सूर्य११-५-३३-९
रेष ५-२६-५५३६ शेष १-१-४६-३२
लग्न SPLEEN ५- ४-१३-१६ वि
योग ११-१ ८-५२ योग ६-५-५९४८
शु०+१
(४०) विवाह (स्त्री) सहम
शुक्र ०- ७-१९-४१
“शनि २-१२- १- १
दोष ९-२५-१८-४०
(४१) संताप सहम
शनि २-१२- २- १
शेष ०-२५-१६-४१
+-छूग्न ५० ४-१२-१६ + रिपुभाव१०-४-१५-१७
योग=१०-२९-३१-५८
शु०--१
=११-२९-३१-५८
शनि और चन्द्र के वीच रिपु
(षष्ठ)भाव होने से १ जोड़ा
(४४) व्यापार सहम
योग=२-२९-३१-५५
(४३) प्रीति सहम
शुक्र ०- ७-१९-४१ विद्या(गुरु) सं २-२३- २-२५ मंगल १०- २-४६-२१ Sui)
शेष २-४३३-२०
ॐ लग्न ५-४१३-१६
योग ७-८-४६३६
(४५) कन्या सहम
थुक्क ०- ७-१९-४१
"चंद्र १-१६-४४-२०
दोष १०-२०-३५-२१
नी छरन ५- ४-१३-१६
योग ३-२४-४८-३७
“पुण्य सहम ८-१५-२४-२७ -बुध ११-२१-२ ३-१४
दोष ६- ७-३७-३८ दोष १०-१२-२३- ७
- लग्न ५- ४-१३-१६ + लग्न ३१- ४-१ ३-१६
योग ११-१९-५०-५४ योग ३-१६-३६-२३
शु० + १
०-११-५०-५४
(४६) जलघात सहम
वृहस्पति ५- २-१८-३०
-पुण्यस ० ८-१२-२४-२७
रोष ८-१९-५४-२१ न लग्न ५- ४-१३-१६
योग १-२४- ७-१९
लग्न ५-४१३-१६
त ०४ =७-५-५९-४८
-चंद्र १-१६-४४२०
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