भारतकोश
सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ४

सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ४

Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 4

बाबूलाल ठाकुर द्वारा

स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)

DevanagariHindipublished280 पृष्ठ

पृष्ठ 168, कुल 280 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 168

१६० : सचित्र ज्योतिष दिक्षा, चतुर्थ वर्षफल खण्ड

(४) चतुर्थ दि प्र० की कुण्डली । आइ्वि. कृ० ४ मंगलवार दिन इष्ट २९-३२- ` २७ लग्न मी

१ जन्म लग्नेशऱ्वध

२ वर्ष लग्नेश=वृध

३ मास रूग्नेश-शनि

४ दिन=गुरु

५ मुन्थेश=शनि

६ त्रिराशीश=चन्द्र

७ समय पति=बु

शनि की प्रत्यक्ष स्नेह दृष्टि है परन्तु

बुध गुरु की प्रत्यक्ष वैरा ६०' दृष्टि है

इसमें बुध वली है । दिनेश बुध हुआ ।

(४) दि० प्र कुण्डली । आरिव० १ बुधवार रात्रि इष्ट ३०-४०-४६ लग्न मीना

१ जन्म लग्नेश-बुध द्‌

२ वर्ष लग्नेशस्बुधः )

३ मास रूग्नेश-शनि तं

४ दिन लग्नेश-गुरु

५ मुन्थेश-शनि

६ त्रिराशीश-चन्द्र

७ समय पतिर्शुक्र

शुक्र की दृष्टि लग्न पर नहीं है

  • पूर्वोक्त शनि बुध गुरु की दृष्टि है इनमें

बुध बलवान है । दिनेश बुध

(६) दिन प्रवेश कुण्डली । आदिव०कु० ६ गुरुवार रात्रि इष्ट ३१-४८-२७मीनलग्त.

सप्ताधिकारी उपरोक्त ही हैं

दिनेश बुध