सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ४
Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 4
बाबूलाल ठाकुर द्वारा
स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)
पृष्ठ 183, कुल 280 में से
संदर्भ में पढ़ेंवर्ष फल में भाव फल विचार : १७४
चतुर्थ राहु--वाहन नाश, राजा से भय, कफ पीड़ा, बात रोग, विदेश भ्रमण,
चौपायों का नाश, चिता, दुःख स्वजनों से विवाद, शरीर दुर्बल ।
चतुर्थ केतु--मन में दुःख, कफ एवं वादी की पीड़ा, शरीर दुर्वल, विदेश भ्रमण,
राजा पक्ष से भय, वाहन से भय ।
चतुर्थ सूर्य--पाप युक्त या दृष्ट-पिता को पीडा ।
चतुर्थ चन्द्र-पाप युक्त या दृष्ट-माता को पीड़ा ।
चतुर्थं शनि-शनि सूर्य युक्त हो-पिता से अपमान तथा शत्रुता कलह ।
'इसी प्रकार जन्म में चन्द्र जिस राशि पर हो उस राशिमें यदि वर्ष में शनि
हों तो माता के साथ विरोध कलह । प
जन्म में चतुर्थ में जो राशि है वह चतुर्थ भाव का पद कहलाता है । वहाँ वर्ष
में शनि और मंगल ये दोनों पद में हों शुभ दृष्टि न हो तो माता पिता को क्लेश हो ।
चतुर्थ में--चन्द्र युक्त रवि हो और पाप दृष्ट हो तो पिता को दुःख ।
यदि सूर्य या चन्द्र में से किसी' एक के घर में शनि हों तो माता पिता से विवाद
ही । सूर्य के गृह में पिता से चन्द्र के गृह में माता से विवाद ।
अतुर्थेश-यदि सुख भाव में हों तो माता पिता को सुख ।
था वली चतुर्थेश लग्नेश से इत्थशाल करता हो तो माता पिता को सुख होता है।
वर्ष और जन्म में चतुर्थेश यदि वलहीन हो तो माता पिता को अनिष्ट ।
या मातृ सहम पितृ सहम पाप ग्रह से युक्त या दृष्ट हो मुंथा से चोथे स्थान में
हो तो माता पिता का नाश होता है ।
यदि मातृ सहमेश अस्तंगत हो पाप ग्रह से युक्त या दृष्ट हो तो माता पिता का
नाश होता है ।
चतुर्थ मे-पहम-मातृ सहम व पितु सहम लग्नेश से इत्थशाल करता हो तो
माता पिता को सुख ।
सातु सहम या पितु सहम चौथे घर में हो तो भी माता पिता को सुख हो!
यदि मातु सहम या पितु सहम पाप ग्रह से इत्थशाल करता हो तो माता पिता
को विपत्ति, यदि शत्रु से इत्थशाल योग करता हो तो भय होता है ।
चतुर्थं सूर्य-बली वेश सुर्य चतुर्थ में हो तो पूर्वजों का उपाजित स्थान या कोई
अधिकार मिले ।
गुद-चतुथ में कक का गुरु वलवान् हो शुभ ग्रहों से युक्त या दृष्ट हो और
लग्नेश हो तो शुभ फल हो सुख हों ।
शनि-चतुर्थ में शनि दशम में मंगल हो धनेश नीच का वक्री होकर अस्त हो
गया हो तो माता पिता का क्षय हो ।
पाप ग्रह- पाप ग्रह ४-८-१२ वें हों तो आम वात कफ स्त्रांस से शरीर में
अलेश हो ।