सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ४
Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 4
बाबूलाल ठाकुर द्वारा
स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)
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संदर्भ में पढ़ें१८ : सचित्र ज्योतिष शिक्षा, चतुर्थ वर्षफल खण्ड
घ० ५७ प० पर द्वितीय मास प्रवेश होगा । उस समय की जो कुण्डली बनेगी वह
द्वितीय मास प्रवेश की कुण्डली कहलायेगी ।
सारिणी द्वारा भी मास प्रवेश सरलता से निकल आता है । मास प्रवेश सारिणी
आगे दी है। यह मास प्रवेश सारिणी स्थानीय पंचांग पर से मास प्रवेश साधन की
रीति के अनुसार बनाई गई है। इसमें पंचांगों में कुछ अन्तर पड़ने से सारिणी में
भी कुछ अंतर पड़ सकता है और सारिणी द्वारा कुछ पलों का अन्तर भी आ जाता
है । इस लिये गणित द्वारा ही मास प्रवेश साधन से ठीक निकलता है
मास प्रवेश सारिणी देखने की रीति 9
उस मास के सूर्य की राशि के सामने और अंश के नीचे सारिणी में जो वार
घटी पल मिले उसे आरंभ के (वर्ष प्रवेश के) वार घटी पल में जोड़ देना। यहाँ
केवल अंश तक के अंक मिलते हैं अब कलादि का और निकाळ कर उसमें जोड़
देना है ।
इसके लिए प्राप्त सूर्य के अंश और अग्रिम अंश के सारिणी अंकों का अन्तर
निकालना । ६० कला में उतना अंतर तो शेष कलादि में कितना होगा ? निकाल
कर उत्तर जोड़ देना तो दूसरे मास प्रवेश का समय निकल आयेगा।
इसी प्रकार आगे के और भी मास प्रवेश का वार घटी पछ निकाल कर उस
समय पर से कुण्डली बना लेना तो वह मास प्रवेश की कुण्डली वन जायगी ।
मास प्रवेश सारिणी
गंगा ० १ २ ३ ४ ५ ६ ७ ८ ९१० ११ १२ १३१४ मेष २ २ २ २ २ २ ९ २ २ २ २ २ २ २ र्वार
० २१ २२ २४ २५ २६ २७ २८ ३० ३१ ३२ ३३ ३४ ३६ ३: ३८ घटी
३४ ५२ ४ १६ २८ ४० ५२ ३ १६ २८ ४० ५२ ४ १६ २८ पल
.१५ १६ १७ १८ १९ २० २१ २२ २३ २४ २५ २६ २७ २८ २९
२६२६८२५ २-२) - '२-<२९ RNAS RR) ROR २. २
३९ ४० ४२ ४३ ४४ ४५ ४६ ४७ ४९ ५० ५१ ५२ ५२ ५४ ५६
४० ५२ ४ १५ २६ ३६ ४७ ५८ ९ १८ २६ ३५ ४२ ५३ २
अंश ० १ २ ३ ४ ५ ६ ७ ८ ९ १० ११ १२ १३ १४
वृष र २ २ ३ ३ ३ २ ३ ३ ३ रे डे ३
१ ५७५८५९ ० १ २ रे प ९ १० ११ घटी
११ १९ २४ २९ २४ २८ ४१ ४५ ५१ ५४ ५३ ५३ ५१ पल
१५ १६ १७ १८ १९.२० २१ २२ दै
३ ३ ३ ३ ३ ३ ३ २
१२ १३ १४ १५ १६ १७ १८ १९ २० २० २
४८ ४५ ४२ ३७ ३९ २४ १७ ९ ० ५० ३
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