सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ४
Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 4
बाबूलाल ठाकुर द्वारा
स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)
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संदर्भ में पढ़ें« मास प्रवेश साधन : १७
हो उसका घटी पळू इसे पंक्ति का वार घटी पल कहेंगे । इसमें से उपरोक्त प्राप्त ॐ
चालन का वार घटी पल ॐ के अनुसार जोड़ने या घटाने से मास प्रवेश का वार
घटी पल प्राप्त होगा । अर्थात् पंचांग में दिये हुए सूर्य के आगे या पीछे उक्त वार
को उतने घडी पल पर मास प्रवेश होगा । यदि मिश्रमान का सूर्य न दिया होतों
प्रातः रवि स्पष्ट दिया होगा । उसका इष्ट ०-० लेना ।
उदाहरण द्वितीय मास प्रवेश के समय का सूर्य ११ रा-१६-५३/-५९/ है।
पंचांग देखा सूये के समीप का ११ रा-१४९-५९-३०” सूर्य बुधवार ( वार ४ )
को मिश्रमान ( इष्ट ) ४५ घ०-१७ प० का दिया है। इस पंक्तिस्थ सूर्ये की गति
५९-२३” दी है । मास प्रवेश सूर्य-११-१६-५३-५९ अन्तर १-५४-२९ _ ६८६९”
पक्तिस्थ ,, ११-१४-५९-३० गति ५९-२३ ३५६३”
अन्तर ०-- १-५४-२९-वार० घ० प० चालन +
अन्तर गति १ ५५-४० ३५६३) ६८६९(१ वार १०५४-२९” ५९-२३” पंक्ति से मास प्रवेश ३५६३
xX ६० X६० सूर्यं अधिक है इस - ३३०६६०
_इ+५४ ३५४०+ २३ कारण चालन+हुआ ३५६३)१९८३६०(५५
=११४-२९ :३५६३” इसे पंक्तिस्थ वार १७१५ घड़ी
२८६० आदि में जोड़ना पडेगा । २०२१०
६८४० --२९ १७८१५
८६५६९” २३९५ ६०
३५३३)१४३:१००(४०
१४२५२ पल
११८०
पंक्ति. वार घ० प० मास प्रवेश सूर्यं से पंक्ति कम होने से पंक्ति को मास प्रवेश
४ - ४५-१७ सूर्य से घटाया तो अन्तर ० रा-१०-५४'-२९' आया । इसके
चालन+१ - ५५-४० विकला ६८६९ हुए। इसमें गति ५९-२३/=३५६३/ का
योग ६ - ४०-५७ भाग दिया तो वह १ वार ५५ घ० ४० पल आया । मास
=मास प्रवेश समय । प्रवेश के सूर्य से पंक्ति कम होने से चाळन धन हुआ ।
पंक्ति बुधवार ( वार ४ ) मिश्रमान ४५ घ० १७ पल है । इसमें चालन + होने
से १ वार ५५ घ० ४० पल जोड़ा तो ६ वार ४० घ० ५७ पल हुआ | यह द्वितीय
मास प्रवेश का समय हुआ अर्थात् ६ वार ( शुक्रवार ) के दिन इष्ट ४० घ० ५७
पल पर मास प्रवेश होगा । ऊपर वार ४ मिश्रमान ४५ घ० १७ पळ छिया है । यदि
उस दिन प्रातः रवि स्पष्ट होता तो ४ वार ० घ० ० प० लेते । पर वहाँ मिश्रमान
दिया है इस कारण मिश्रमान लिया गया है।
पंक्ति सूर्य के आगे शुक्र वार चैत्र कृष्ण ३० को पड़ता है । उस दिन इष्ट ४०
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