भारतकोश
सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ४

सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ४

Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 4

बाबूलाल ठाकुर द्वारा

स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)

DevanagariHindipublished280 पृष्ठ

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२६ : सचित्र ज्योतिष शिक्षा, चतुर्थ वर्ष फल खण्ड

` मुंथेश-जिस राशि में मुंथा हो उस राशि का स्वामी मुंथेश कहलाता है ।

मुंथा की गति=१ वर्ष में-१ राशि १ राशि-१२ मास

१ मास. में-२३ अंश १ अंश-१२ दिन

१ दिन में-५ कला १ कला=१० घड़ी

१ घड़ी में=५ विकला १ कला=१२ घड़ी

१ विकला=१२ पल

सुया साधन की रीति

(१) पहिली रीति उदाहरण--गत वर्ष ५६, वर्तमान वर्ष ५७

वतंमान वर्ष संख्या १२)१७(४ जन्म लग्न ३ से ९ शेष तक गिना

१२ ४८ तो नवां कुंभ आया। तो कुम्भ

<जन्म लग्न से मुंथा का स्थात ९ दोष राशि पर मुंथा हुई

जन्म लग्न ३ -- शेष ५११ राशि

(२) दूसरी रीति उदाहरण

गत वर्ष

गत वर्ष संख्या १२)५६(४ मुंबा ११ राशि कुंभ पर आई

१२ श्व

=शेषांक + जन्म लग्न ८ शेष

मुथा

(३) तीसरी रीति

(मेष लग्न से आदि लेकर जन्म लग्न संख्या +गत वपं ) + १२=शेष मुंथा

( जन्म लग्न गतवर्ष ) + १२-४३शेष ११ कुंभन्कुम्भ राशि पर मुंथा आई )

३+५६

(४) चौथी रीति=मुंथा स्पष्ट करना और समय निकालना ।

जन्म समय लग्न की जो राशि अंश कला विकला होती है ठीक उतनी ही मुंथा

की राशि अंदा आदि जन्म समय रहती है । जैसे जन्म लग्न २रा०-२०१-१६-२१'”

है तो मुंथा भी जन्म समय २-२००-१६'-२१/” पर रहेगी । उपरांत वर्ष में १ राशि

की गति से मुंथा चलती रहेगी ।

यहाँ जन्म लग्न मिथुन के २०-१६-२१” पर है तो मुंथा का जन्म समय

भुक्तांश मिथुन के २०-१६-२१” हुआ ।

पुणं अंश ३ ०१...८(..०

भुक्तांश २०-१६-२१ मुन्था का

=भोग्यांश= ९-४३-२९ मिथुन का

अब यह जानना है कि ९९-४३/-२९” भोग्य होने को कितना समय रूगेगा ?

मुन्या की उपरोक्त बताई हुई गति के अनुसार समय निकालते हैं ।