सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ४
Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 4
बाबूलाल ठाकुर द्वारा
स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)
पृष्ठ 91, कुल 280 में से
संदर्भ में पढ़ेंवृहृत्पञ्चवर्गी बल साधन : ५३
२६-० ९॥ ९॥ शा द ५ था १४ ८
२६-४० १० शा १२॥ ७ दा ९ १७। ७॥
३०-० १ १३॥ १३॥ ७। ६ ९। १३ था
कुम्भ १०
अंश सूर्यं चन्द्र मंगल बुध गुरु शुक्र दानि राहु
३-२० ७ ६। ॥। १०॥ ४॥ ४॥ १५ ८॥
६-४० छा ६॥ ९ १० ४॥ १२ १३ पा
७-० ७ ६॥ दा] १० श १२ १३ ८५॥ १०-०२ जा ६॥ ८५॥ चा ५॥ १४ १३। ९॥
१३-० छा दा दा ९॥ ४॥ ११ १३॥ दा
१३-२० द ७॥ रा दा ७॥ १० १॥ दा
१६-४० दा ७॥ ९। ८॥। छा १०॥ १२॥ ८॥
२०-० ८॥ द ९॥ पा द॥ १० ११॥ ८
२३-२० ९ ९॥ परा ६ ७ २॥ ११ ७
२५-०५ ९ ९।॥॥ ११॥ ६। ६॥। १०॥ ११ ८।
२६-० दा ८।।। ८॥। ७॥ ५“ ११॥ १४ ९|
३०-२ द। ८।॥। चा ८ शा ११ १४ ९
मीन ११ र
अंश सूर्यं चन्द्र मंगल वुध गुरु शुक्र शनि राहु
३-२० ९॥ ९ ९। ९॥ १० वैरा ७॥ ८
६-४० १०॥ ९॥ १ ५॥ १०।। १२ ७॥ ८
७-० १०॥ ९ १०] ६। १३। १२। द दा
१०-० रा पृ ९॥ शा १३ १२ ५। ७॥
१३-० ११॥। १०॥ ११ ¥ १६ ९ ५ ७
१६-२० ११॥ ११ वा हा १६४ ६॥ डा ६॥
१६-४० ११ १०। वृगा॥ ६॥ १३ ९॥ ग“ पा
१९-० ११ १२। १० ६॥ वडा था ५ ७॥
२--२ १२ ११ १३ ३ १५ चा डा ७॥
३३-२० ११॥ ११ १३॥ डा १७ ९ ग ७
२६-८० ११॥ १॥ ११ ४॥ १३॥ ९ प्रा ७।
२--२ १२। ११॥ १४ गड १४ ६ डे ७
३०-० ११ १०। ११ शा १२ ९ ७ ऽ
स्थिर बल चक्र देखने की रीति
यहाँ स्थिर मैत्री के अनुसग्र वृहत्पंचवर्गी चक्र निकाल कर दिया है ग्रह की जो