सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ४
Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 4
बाबूलाल ठाकुर द्वारा
स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)

(चित्र / चक्र पृष्ठ 277)

(चित्र / चक्र पृष्ठ 278)

(चित्र / चक्र पृष्ठ 279)
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बट. संचित्रे ज्योतिष शिक्षा
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ज्योतिष के ऱ्य, सकत में ही हैं। ल से अनभिज्ञ साया
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के लिए इस माध्यम से. | न
ऐसी पुस्तक की सरलता से अध्ययन Fe करस @\ ज्य
इस प्रयोजन को ध्यो रही प्रस्तूत : पुस्तक सात खण्डो में. प्रकाशित
की गई है । ये सात बण , फलित, वर्ष-फल, प्रश्न, मुहूत्त
तथा संहिता खण्ड हँ, 1
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में पूरी जन्मपत्री बलाने-कीविधि है ।
दरण रीति देकर पूरी गणित-प्रक्रिया दी रर भागः र० १००; द्वितीय भाग : शीघ्र.
सम्बन्धी. बातें दी गई हैं और महापुरुषों 07 देकर] समझाया गया है । शीध्
दु , योग, वर्गे, स्थान आदि ज्योतिष के
प र् A विद 22 किया गया है। य? ५०. ` 20 ४४ |: 2. (1 कु दश -विचार के साथ भाग्य, धर्म, कीति, षयो पर विचार प्रकट किया गया है।
र सम्बन्धों म्बन्धो पर ग्रह-प्रभाव का ज्ञान प्राप्त (पामा अनुपम है । द० ६०
कोरा गणित उदाहरण देकर समझाया `
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- गया है। रु० ४०
& सम्प “जानकारी उपलब्ध है । शुभाशुभ
]. ह. रु० १६
श्री विषयों पर विस्तार से विचार. : “अ्रतिकल परिस्थितियों के अनुसार देश्या |
बताए गए हैं । किसी भी देशके ।
न: र छयोवरिविद् इस खण्ड का सफल उपयोग (भाज्य पय भ्रौर पाश्चात्य दोनों रीतियों का
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POTD हुन सम्बन्ध
सीदास
पटना