समझ से प्राप्त ब्रह्मचर्य

समझ से प्राप्त ब्रह्मचर्य
Samaj Se Prapt Brahmacharya
दादा भगवान द्वारा
स्रोत: दादा भगवान आराधना ट्रस्ट, 'दादा दर्शन', उस्मानपुरा, अहमदाबाद · दादा भगवान आराधना ट्रस्ट · 2005 (उद्गम)
DevanagariHindipublished482 पृष्ठ
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किस समझ से विषय में... (खं-2-1)
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प्रश्नकर्ता : विचार तो मुझे ब्रह्मचर्य के ही आते हैं।
दादाश्री : नहीं। वही कह रहा हूँ मतलब ब्रह्मचर्य के ही आते हैं? नहीं!
प्रश्नकर्ता : हाँ, हाँ।
दादाश्री : अब्रह्मचर्य के विचार नहीं आते?
प्रश्नकर्ता : वह तो मुझे बहुत गंदा लगता है।
दादाश्री : बहुत अच्छा।
प्रश्नकर्ता : और मुझे इतना समझ में आ गया है कि यह जो जन्म हुआ है, वह इस विषय की गाँठ निकालने के लिए ही हुआ है। बाकी का सब तैयार ही है मेरा!
दादाश्री : तब तो बहुत अच्छा, तब तो समझदार है। मेरी पसंद की बात आई अब। बस, बस। मुझे पसंद आई यह बात। अब ऑलराइट। इससे बहुत संतोष हुआ मुझे।
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