समझ से प्राप्त ब्रह्मचर्य
Samaj Se Prapt Brahmacharya
दादा भगवान द्वारा
स्रोत: दादा भगवान आराधना ट्रस्ट, 'दादा दर्शन', उस्मानपुरा, अहमदाबाद · दादा भगवान आराधना ट्रस्ट · 2005 (उद्गम)
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संदर्भ में पढ़ें[ २ ]
दृष्टि उखड़े, 'श्री विज्ञन' से
'रेणी चादर' के पीछे
खून में मांस के टुकड़े पड़े हों, तो आपको उन्हें देखना अच्छा लगेगा क्या?
प्रश्नकर्ता : नहीं।
दादाश्री : और इडली देखना अच्छा लगता है?
प्रश्नकर्ता : हाँ, अच्छा लगता है।
दादाश्री : धनिया और हरी मिर्च की चटनी बनाई जाए तो, वह देखना अच्छा लगता है या मांस देखना अच्छा लगता है?
प्रश्नकर्ता : चटनी अच्छी लगती है।
दादाश्री : चटनी हरे खून से बनी है और यह लाल खून से। यह तो सिर्फ राग-द्वेष करता रहता है। इस पर राग करता है और मांस पर द्वेष करता है! चटनी कौन से खून से बनी है? स्थावर एकेन्द्रिय का ग्रीन कलर का खून है और अपना खून लाल है। पाँच इन्द्रिय के सभी जीवों का खून लाल कलर का होता है। लाल खून में तरह तरह के घटक होते हैं। हड्डियों को तू कभी छूता नहीं है न?
प्रश्नकर्ता : कभी कभार गलती से छू लेता हूँ।