समराङ्गणसूत्रधार (महाराज भोज - वास्तु, स्थापत्य एवं यंत्र शास्त्र)

समराङ्गणसूत्रधार (महाराज भोज - वास्तु, स्थापत्य एवं यंत्र शास्त्र)
Samarangana Sutradhara of Raja Bhoja
धाराधिपति महाराज भोज / प्रो. पुष्पेन्द्र कुमार द्वारा
DevanagariHindipublished726 पृष्ठ
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४२ विषयः पृष्ठम् चतुरश्रादय एकोनत्रिंशन्नृत्तहस्ताः ... ६५८ तेषु चतुरश्रविप्रकीर्णयोर्लक्षणम् ... ,, पद्मकोशलक्षणम् ... ६५९ अरालखटकामुखलक्षणम् ... ,, आविद्धवक्त्रकलक्षणम् ... ,, सूचीमुखलक्षणम् ... ,, रेचितहस्तलक्षणम् ... ,, उत्तानवञ्चितलक्षणम् ... ६६० अर्धरेचितलक्षणम् ... ,, पल्लवलक्षणम् ... ,, केशबन्धलक्षणम् ... ,, लताहस्तलक्षणम् ... ,, करिहस्तलक्षणम् ... ६६१ पक्षवञ्चितकलक्षणम् ... ,, पक्षप्रद्योतक लक्षणम् ... ,, गरुडपक्षलक्षणम् ... ,, दण्डपक्षोर्ध्वमण्डलिपाश्र्वमण्डलिनां लक्षणम् ... ,, उरोमण्डलिलक्षणम् ... ६६२ उरःपार्श्वार्धमण्डललक्षणम् ... ,,