सामवेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

सामवेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Samaveda Samhita with Hindi Translation
डा. रेखा व्यास द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
DevanagariSanskritpublished310 पृष्ठ
पृष्ठ 100, कुल 310 में से
संदर्भ में पढ़ेंपृष्ठ 100
हम घी की आहुति भेंट करते हैं. आप प्रसन्न होइए. (९) तव त्यन्नर्यं नृतो ऽ प इन्द्र प्रथमं पूर्व्यं दिवि प्रवाच्यं कृतम्. यो देवस्य शवसा प्रारिणा असु रिणन्नपः. भुवो विश्वमभ्यदेवमोजसा विदेदूर्जं ॐ शतक्रतुर्विदेदिषम्.. (१०) हे इंद्र! आप सर्वश्रेष्ठ, अपूर्व, दिव्य व मनुष्यों के लिए कल्याणकारी हैं. स्वर्ग में आप की प्रशंसा होती है. आप ने शत्रुनाश किया. शत्रुओं को हराया. आप ने जल प्रवाहित किया. आप सैकड़ों कर्म करने वाले हैं. आप सर्वज्ञाता हैं. आप अपने बल के साथ पधारिए. आप हमारी हवि स्वीकारने की कृपा कीजिए. (१०)