सामवेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Samaveda Samhita with Hindi Translation
डा. रेखा व्यास द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
पृष्ठ 140, कुल 310 में से
संदर्भ में पढ़ेंहे इंद्र! जौ से जिस प्रकार पुरोडाश (भोग) बनाया जाता है, उसी प्रकार सोम रस में गाय का दूध मिला कर उसे हम ने तैयार किया है. वह सोमरस स्वादिष्ट है. हम उसी सोमरस को पीने के लिए यज्ञ में आप को आमंत्रित करते हैं. (१२) तीसरा खंड इद ँ१ ह्यन्वोजसा सुत ँ१ राधानां पते. पिबा त्वा ३ स्य गिर्वणः.. (१) हे इंद्र! आप धनपति, उपासना के योग्य व बलशाली हैं. आप नियमपूर्वक संस्कार किए गए इस सोमरस को शीघ्र ग्रहण कीजिए. (१) यस्ते अनु स्वधामसत्सुते नि यच्छ तन्वम्. स त्वा ममत्तु सोम्य.. (२) हे इंद्र! आप सोम के योग्य हैं. यह सोमरस आप के लिए तृप्तिदायी हो. यह सोमरस अन्न स्वरूप है. आप इस सोमरस में सशरीर पधारिए. (२) प्र ते अश्नोतु कुक्ष्योः प्रेन्द्र ब्रह्मणा शिरः. प्र बाहू शूर राधसा.. (३) हे इंद्र! आप शक्तिमान हैं. विशुद्ध सोम प्रार्थनाओं से आप के सिर, दोनों भुजाओं व कांखों तक पहुंचे. हम आप से धन चाहते हैं. (३) आ त्वेता नि षीदतेन्द्रमभि प्र गायत. सखाय स्तोमवाहसः.. (४) हे यजमानो! आप इंद्र को प्रसन्न करने के लिए शीघ्र आइए, बैठिए. उन के लिए प्रार्थना व उपासना कीजिए. (४) पुरूतंमं पुरूणामीशानं वार्याणाम्. इन्द्र ँ१ सोमे सचा सुते.. (५) हे यजमानो! आप इकट्ठे होइए. इंद्र शत्रुओं को हराने की सामर्थ्य रखते हैं. वे ऐश्वर्य के स्वामी हैं. आप सभी उन की उपासना कीजिए. (५) स घा नो योग आ भुवत्स राये स पुरन्ध्या. गमद्वाजेभिरा स नः.. (६) हे इंद्र! आप हमें वीर बनाइए और निखारिए. आप हमें समृद्धि प्रदान कीजिए. आप हमें ज्ञान व पोषकता प्रदान कीजिए. आप हमारे समीप पधारने की कृपा कीजिए. (६) योगेयोगे तवस्तरं वाजेवाजे हवामहे. सखाय इन्द्रमूतये.. (७) हे यजमानो! हम पर बारबार कामों में अपनी रक्षा के लिए अपने मित्र इंद्र का आह्वान करते हैं. (७) अनु प्रत्नस्यौकसो हुवे तुविप्रतिं नरम्. यं ते पूर्वं पिता हुवे.. (८) इंद्र स्वर्गवासी हैं. वे बहुत लोगों की मदद करते हैं. हमारे पिता (पूर्वजों) ने उन का आह्वान किया था. हम भी उन का आह्वान करते हैं. (८) ebook converter DEMO Watermarks*