सामवेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Samaveda Samhita with Hindi Translation
डा. रेखा व्यास द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
पृष्ठ 141, कुल 310 में से
संदर्भ में पढ़ेंआ घा गमद्यदि श्रवत्सहस्रिणीभिरूतिभिः. वाजेभिरुप नो हवम्.. (९) हे यजमानो! हमें आशा है कि इंद्र हमारी प्रार्थना से प्रसन्न होंगे. वे अपनी रक्षा और वैभव के साथ हमारे पास अवश्य पधारेंगे. (९) इन्द्र सुतेषु सोमेषु क्रतुं पुनीष उक्थ्यम्. विदे वृधस्य रक्षस्य महाँ हि षः.. (१०) हे इंद्र! आप के पुत्र आप के लिए सोमरस परिष्कृत करते हैं. आप महान हैं. आप उन के यज्ञों तथा उन के स्तोत्रों की बढ़ोतरी करते हैं. (१०) स प्रथमे व्योमनि देवाना २४ सदने वृधः. सुपारः सुश्रवस्तमः समप्सुजित्.. (११) हे यजमानो! इंद्र प्रथम देवता हैं. वे आकाश में देवताओं के आवास में निवास करते हैं. वे भलीभांति हमारी रक्षा करते हैं. वे हमें यश प्रदान करते हैं. वे असुर विजेता हैं. हम उन का आह्वान करते हैं. (११) तमु हुवे वाजसातय इन्द्रं भराय शुष्मिणम्. भवा नः सुम्ने अन्तम् सखा वृधे.. (१२) हे इंद्र! हम अन्नप्राप्ति के लिए आप का आह्वान करते हैं. हम अपने भरणपोषण के लिए आप का आह्वान करते हैं. हम सुमन (अच्छे मन वाले) व आप के सखा बनें. आप हमारी बढ़ोतरी में हमारा सहयोग करने की कृपा कीजिए. (१२) चौथा खंड एना वो अग्निं नमसोजों नपातमा हुवे. प्रियं चेतिष्ठमरतिं २४ स्वध्वरं विश्वस्य दूतममृतम्.. (१) हे अग्नि! आप विश्व के दूत हैं. आप अमर, प्रिय व अक्षय हैं. हम अपने यज्ञ में आप का आह्वान करते हैं. (१) स योजते अरुषा विश्वमोजसा स दुद्रवत्स्वाहुतः. सुब्रह्मा यज्ञः सुशमी वसूनां देव २४ राधो जनानाम्.. (२) अग्नि लोगों के लिए धन स्वरूप, विद्वान्, संयमशील व सब को जोड़ते हैं. आप समस्त विश्व को ओज से पूर्ण करते हैं. हम आप का आह्वान करते हैं. (२) प्रत्यु अदर्श्यायत्यु ३ च्छन्ती दुहिता दिवः. अपो मही वृणुते चक्षुषा तमो ज्योतिष्कृणोति सूनरी.. (३) उषा स्वर्गलोक की पुत्री व अंधकार को दूर करती हैं. वे अपनी किरणों से सभी को प्रकाशित करती हैं. वे आंख की ज्योति हैं. वे अंधकार में ज्योति हैं. वे उत्तम नारी हैं. (३) उदुस्रियाः सृजते सूर्यः सचा उद्यन्नक्षत्रमर्चिवत्. eBook converter DEMO Watermarks*