सामवेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Samaveda Samhita with Hindi Translation
डा. रेखा व्यास द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
पृष्ठ 151, कुल 310 में से
संदर्भ में पढ़ेंत्वामिदा ह्यो नरो ऽ पीप्यन्वज्रिन् भूर्णयः. स इन्द्र स्तोमवाहस इह श्रुध्युप स्वसरमा गहि.. (५) हे वज्रधारी इंद्र! यजमान आप को हवि प्रदान करते हैं. वे ही यजमान आप को सोमरस भेंट करते हैं. स्तोता (उपासक) आप के लिए साम गा रहे हैं. आप सुनिए और यज्ञ में पधारिए. (५) मत्स्वा सुशिप्रिन्हरिवस्तमीमहे त्वया भूषन्ति वेधसः. तव श्रवा ॐ स्युपमान्युक्थ सुतेष्विन्द्र गिर्वणः.. (६) हे सुंदर ठुड्डी वाले इंद्र! आप अस्त्रशस्त्रधारी हैं. आप उपासना के योग्य हैं. हम यजमान अनेक प्रकार की सामग्री से आप की पूजा करते हैं. हम आप को सजाते व सोमरस से छकाते हैं. हम और भी प्रिय पदार्थ आप को भेंट करते हैं. आप अश्वपालक हैं. (६) पांचवां खंड यस्ते मदो वरेण्यस्तेना पवस्वान्धसा. देवावीरघश ॐ सहा.. (१) हे सोम! आप का रस वरेण्य, मददायी व दिव्य हैं. आप परिष्कृत होइए. (१) जघ्निर्वृत्रममित्रिय ॐ सस्नििर्वाजं दिवेदिवे. गोषातिरश्वसा असि.. (२) हे सोम! आप वृत्रासुर अमित्रों (शत्रुओं) के नाशक, दिव्य व संघर्षशील हैं. आप गोधन व अश्वधन प्रदान करते हैं. (२) सम्मिश्लो अरुषो भुवः सूपस्थाभिर्न धेनुभिः. सीदं च्छ्येनो न योनिमा.. (३) हे सोम! बाज जैसे घोंसले में सुशोभित होता है, उसी प्रकार आप अपने सदन में सुशोभित होते हैं. आप गायों के दूध में मिलने पर चमचमाते हैं. (३) अयं पूषा रयिर्भगः सोमः पुनानो अर्षति. पतिर्विश्वस्य भूमनो व्यख्यद्रोदसी उभे.. (४) हे सोम! आप विश्वपति व पवित्र हैं. आप पूषा और भग के लिए प्रवाहित होइए. आप पृथ्वीलोक और स्वर्गलोक दोनों को प्रकाशित करते हैं. (४) समु प्रिया अनूषत गावो मदाय घृष्वयः. सोमासः कृण्वते पथः पवमानास इन्दवः.. (५) हे सोम! आप मददायी व प्रिय हैं. आप के लिए की गई स्तुतियां एकदूसरे से होड़ करती हैं. आप सभी का पथप्रदर्शन करते हैं. (५) य ओजिष्ठस्तमा भर पवनाम श्रवाय्यम्. ebook converter DEMO Watermarks*