भारतकोश
सामवेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

सामवेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Samaveda Samhita with Hindi Translation

डा. रेखा व्यास द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished310 पृष्ठ

पृष्ठ 204, कुल 310 में से

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पृष्ठ 204

कीजिए. हम देव योनि के अनुकूल कार्य (यज्ञ) कर सकें. (६) मृजन्ति त्वा दश क्षिपो हिन्वन्ति सप्त धीतयः. अनु विप्रा अमादिषुः.. (७) हे सोम! यजमान की दसों अंगुलियां आप को परिमार्जित करती हैं. सात पुरोहित आप को तृप्ति प्रदान करते हैं. हम ब्राह्मण आप का अनुगमन करते हैं. (७) देवेभ्यस्त्वा मदाय क ॐ सृजानमति मेष्यः. सं गोभिर्वासयामसि.. (८) हे सोम! आप मददायी, सुखदायी व सुख सिरजने (पैदा करने) वाले हैं. देवताओं को भेंट करने के लिए हम आप को गाय के दूध में मिलाते हैं. (८) पुनानः कलशेष्वा वसाण्यरुषो हरिः. परि गव्यान्यव्यत.. (९) हे सोम! आप हरी कांति वाले हैं. आप पवित्र हैं. आप कलश में रहते हैं. आप को चारों ओर से गाय का दूध घेर लेता है. (९) मघोन आ पवस्व नो जहि विश्वा अप द्विषः. इन्दो सखायमा विश.. (१०) हे सोम! आप पवित्र हैं. आप हमें धनवान बनाइए. आप द्वेषियों का नाश कीजिए. इंद्र आप के सखा हैं. आप उन के साथ एकाकार हो जाइए. (१०) नृचक्षसं त्वा वयमिन्द्रपीत ॐ स्वर्विदम्. भक्षीमहि प्रजामिषम्.. (११) हे सोम! आप आत्मज्ञाता व मनुष्यों के चक्षु हैं. इंद्र आप को पीते हैं. आप हमें संतान और ज्ञान प्रदान करने की कृपा कीजिए. (११) वृष्टिं दिवः परि स्रव द्युम्नं पृथिव्या अधि. सहो नः सोम पृत्सु धाः.. (१२) हे सोम! आप स्वर्गलोक और पृथ्वीलोक पर दिव्यता की वर्षा करने की कृपा कीजिए. आप अन्नधन दीजिए. हम शत्रुओं को सह न सकें, ऐसी क्षमता दीजिए. (१२) दूसरा खंड सोमः पुनानो अर्षति सहस्रधारो अत्यविः. वायोरिन्द्रस्य निष्कृतम्.. (१) वायु और इंद्र के लिए सोमरस निचोड़ा गया है. सोमरस पवित्र व सहस्र धारा वाला है. भेड़ के बालों की छलनी से छान कर उसे तैयार किया गया है. (१) पवमानमवस्यवो विप्रमभि प्र गायत. सुष्वाणं देववीतये.. (२) हे ब्राह्मणो! सोम आप को पवित्र करने वाले हैं. आप देवताओं से अपने संरक्षण की कामना कीजिए. आप इन के लिए स्तुतियां गाइए. (२) पवन्ते वाजसातये सोमाः सहस्रपाजसः. गृणाना देववीतये.. (३) ebook converter DEMO Watermarks*

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