भारतकोश
सामवेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

सामवेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Samaveda Samhita with Hindi Translation

डा. रेखा व्यास द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished310 पृष्ठ

पृष्ठ 261, कुल 310 में से

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से आप को प्रज्वलित करते हैं. हम यज्ञ स्थान में आप की स्थापना करते हैं. (७) यस्य त्रिधात्ववृतं बर्हिस्तस्थावसन्दिनम्. आपश्चिन्न्रि दधा पदम्.. (८) हे अग्नि! आप में जल भी विद्यमान हैं. आप के चारों ओर यज्ञकुंड के पास कुश के आसन बिछे हैं. हम आप की उपासना करते हैं. (८) पदं देवस्य मीढुषो ऽ नाधृष्टाभिरूतिभिः. भद्रा सूर्य इवोषदृक्.. (९) हे अग्नि! आप प्रकाशवान, सराहनीय, शत्रुहीन और धैर्यशाली हैं. आप का दर्शन करना सूर्य के दर्शन के समान कल्याणकारी है. (९)

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