भारतकोश
सामवेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

सामवेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Samaveda Samhita with Hindi Translation

डा. रेखा व्यास द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished310 पृष्ठ

पृष्ठ 282, कुल 310 में से

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पृष्ठ 282

वशीभूत रखते हैं. आप की कृपा से संसार विस्तृत होता है. आप ऋतुओं का सृजन करते हैं. (११) अग्निः प्रियेपु धामसु कामो भूतस्य भव्यस्य. सम्राडेको विराजति.. (१२) हे अग्नि! आप एकमात्र सम्राट् हैं. आप अपने प्रिय धामों में सुशोभित होते हैं. आप अतीत और भविष्य में चाहने वालों की इच्छा पूरी करते हैं. (१२)