भारतकोश
सामवेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

सामवेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Samaveda Samhita with Hindi Translation

डा. रेखा व्यास द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished310 पृष्ठ

पृष्ठ 284, कुल 310 में से

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पृष्ठ 284

आ मन्द्रैरिन्द्र हरिभिर्याहि मयूररोमभिः. मा त्वा के चिन्नियेमुरिन्न पाशिनो ऽ ति धन्वेव ताँ इहि.. (८) हे इंद्र! आप के घोड़े मनोहर हैं. उन के बाल मोरपंख जैसे हैं. आप उन घोड़ों सहित यज्ञ में पधारने की कृपा कीजिए. शिकारी आप की राह में जाल न फैला सकें, अतः आप उन्हें रेगिस्तान में पहुंचा दीजिए. (८) वृत्रखादो वलं रुजः पुरां दर्भो अपामजः. स्थाता रथस्य हर्योरभिश्वर इन्द्रो दृढा चिदारुजः.. (९) हे इंद्र! आप घोड़ों से सजे हुए रथ में बैठ कर बलवान शत्रुओं को भी हरा देते हैं. आप उन की नगरियों का भी नाश कर देते हैं. आप राक्षसों के बलनाशक हैं. आप दुष्टों की दुष्ट प्रवृत्तियों का भी नाश करते हैं. (९) गम्भीराँ उदधी २४ रिव क्रतुं पुष्यसि गा इव. प्र सुगोपा यवसं धेनवो यथा हृदं कुल्या इवाशत.. (१०) हे इंद्र! गंभीर समुद्र को जैसे छोटे तालाब अधिक जल दे कर पोसते हैं, वैसे ही आप यजमान की मनोकामना पूरी कर के उन्हें पोसते हैं. ग्वाले जैसे गायों को घास चारा डाल कर पोसते हैं, वैसे ही यजमान इंद्र को सोमरस भेंट कर के पोसते हैं. (१०) यथा गौरो अपा कृतं तृष्यन्नेत्यवेरिणम्. आपित्वे नः प्रपित्वे तूयमा गहि कण्वेषु सु सचा पिब.. (११) हे इंद्र! आप हमारे दोस्त की तरह आइए. आप उसी ललक से आइए, जैसे प्यास से व्याकुल हिरण तालाब के पास जाता है. आप कण्वों के निकट सोमपान करने की कृपा कीजिए. (११) मन्दन्तु त्वा मघवन्निन्द्रन्दवो राधोदेयाय सुन्वते. आमुष्या सोममपिबश्चम्वू सुतं ज्येष्ठं तद्दधिषे सहः.. (१२) हे इंद्र! आप धनवान हैं. सोमरस आप को मदमस्त बना दे. आप इस सोमरस को पीजिए. आप हमें और हमारे बेटों को खूब धन दीजिए. (१२) त्वमङ्ग प्र श २४ सिषो देवः शविष्ठ मर्त्यम्. न त्वदन्यो मघवन्नस्ति मर्डितेन्द्र ब्रवीमि ते वचः.. (१३) हे इंद्र! आप हमारी प्रशंसा करते हैं. आप सब से बढ़िया सुख देते हैं. हम आप ही से प्रार्थना करते हैं, क्योंकि आप के अतिरिक्त कोई दूसरा उतना धनवान और सुखदायक नहीं है. (१३) मा ते राधा २४ सि मा त ऊतयो वसो ऽ स्मान्कदा चना दभन्. ebook converter DEMO Watermarks*

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