सामवेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Samaveda Samhita with Hindi Translation
डा. रेखा व्यास द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
पृष्ठ 306, कुल 310 में से
संदर्भ में पढ़ेंहे इंद्र! आप दुश्मनों के गढ़ भेद देते हैं. आप वज्रबाहु, शत्रुनाशक, विजेता, गोपालक, नेता और पराक्रमशील हैं. शत्रु पर क्रोध करने में आप इंद्र का अनुगमन कीजिए. (६) अभि गोत्राणि सहसा गाहमानो ऽ दयो वीरः शतमन्युरिन्द्रः. दुश्च्यवनः पृतनाषाडयुध्यो ३ स्माक ॐ सेना अवतु प्र युत्सु.. (७) हे इंद्र! आप हमारी व सेनाओं की रक्षा कीजिए. आप अद्भुत युद्धवीर, शत्रुजित्, स्थिर, वीर, अनीति के प्रति क्रोधी व शत्रु पर दया न करने वाले हैं. आप शत्रु के गढ़ भेदने वाले हैं. (७) इन्द्र आसां नेता बृहस्पतिर्दक्षिणा यज्ञः पुर एतु सोमः. देवसेनानामभिभञ्जतीनां जयन्तीनां मरुतो यन्त्वग्रम्.. (८) हे इंद्र! आप हमारे नेता होइए. बृहस्पति सब से आगे होने की कृपा करें. सोम दक्षिण यज्ञ के संचालक हैं. वे भी अग्रगामी हों. मरुद्गण शत्रुनाशक हैं. वे देवताओं की सेना में सब से आगे होने की कृपा करें. (८) इन्द्रस्य वृष्णो वरुणस्य राज्ञ आदित्यानां मरुता ॐ शर्ध उग्रम्. महामनसां भुवनच्यवानां घोषो देवानां जयतामुदस्थात्.. (९) हे इंद्र! आप शक्तिमान हैं. वरुण राजा हैं. मरुद्गण तीव्र बल वाले हैं. आप शत्रु के डेरों के नाशक, महान मन वाले व विजयशील हैं. देवताओं का जयघोष सर्वत्र व्याप्त हो, सर्वत्र गूंजे. सभी देवताओं का हमें सहयोग प्राप्त हो. (९) उद्वर्षय मघवन्नायुधान्युत्सत्वनां मामकानां मना ॐ सि. उद्वृत्रहन्वाजिनां वाजिनान्युद्रथानां जयतां यन्तु घोषाः.. (१०) हे इंद्र! आप क्षमतावान हैं. आप अस्त्रशस्त्रधारी युद्धवीरों के मन में उत्साह भरें. आप हमारे मन में भी जोश भरें. आप हमारे युद्धरथ के घोड़ों को वेगवान बनाइए. विजयी हो कर आते हुए हमारे रथों के जयघोष गूंजें. (१०) अस्माकमिन्द्रः समृतेषु ध्वजेष्वस्माकं या इषवस्ता जयन्तु. अस्माकं वीरा उत्तरे भवन्त्वस्माँ उ देवा अवता हवेषु.. (११) हे इंद्र! आप युद्धों में हमारी सेना के रक्षक होइए. हमारे बाण शत्रुविजय करें. हमारे वीर युद्धों में विजय प्राप्त करें. यज्ञ में देवता हमारी रक्षा करें. हमारे ध्वजों पर विजय अंकित हो. (११) असौ या सेना मरुतः परेषामभ्येति न ओजसा स्पर्धमाना. तां गूह्त तमसापव्रतेन यथैतेषामन्यो अन्यं न जानात्.. (१२) हे मरुद्गणो! बल से स्पर्धा करती हुई शत्रुसेना हम पर आक्रमण करे तो आप उस सेना ebook converter DEMO Watermarks*