भारतकोश
सामवेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

सामवेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Samaveda Samhita with Hindi Translation

डा. रेखा व्यास द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished310 पृष्ठ

पृष्ठ 38, कुल 310 में से

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पृष्ठ 38

पात्र) से बारबार आहुति दो. सोमरस से पात्र को सींचो. इस तरह अग्नि आहुति पहुंचा कर यजमान की मनोकामनाएं पूरी करते हैं. (१) प्रैतु ब्रह्मणस्पतिः प्र देव्येतु सूनृता. अच्छा वीरं नर्यं पङ्क्तिराधसं देवा यज्ञं नयन्तु नः.. (२) हमें ब्रह्मणस्पति देवता प्राप्त हों (यानी हमारे पास पहुंचें). सत्य और प्रिय देवी एवं वाग् देवता (वाणी के देवता) हमें प्राप्त हों. सभी देवगण हमारे शत्रुओं का नाश करें. कल्याणकारी यश देने वाले वीर को सब देवता श्रेष्ठ मार्ग से ले जाएं. (२) ऊर्ध्व ऊ षु ण ऊतये तिष्ठा देवो न सविता. ऊर्ध्वो वाजस्य सनिता यदञ्जिभिर्वाघद्भिर्विह्वयामहे.. (३) हे अग्नि! हमारे संरक्षण के लिए आप ऊंचे आसन पर विराजिए. सूर्य के समान उन्नत हो कर हमें अन्न आदि प्रदान कीजिए. हम इसीलिए अच्छे स्तोत्रों से स्तुति करते हुए आप को आमंत्रित करते हैं. (३) प्र यो राये निनीषति मर्तो यस्ते वसो दाशत्. स वीरं धत्ते अग्न उक्थश ꣳ सिनं त्मना सहस्रपोषिणम्.. (४) हे अग्नि! आप व्यापक हैं. हम आप के भक्त धन के लिए आप को प्रसन्न करना चाहते हैं. जो मनुष्य आप को हवि प्रदान करता है, वह स्तुति करने वाले हजारों मनुष्यों का पालनपोषण करने वाले वीर पुत्र को प्राप्त करता है. (४) प्र वो यह्वं पुरूणां विशां देवयतीनाम्. अग्नि ꣳ सूक्तेभिर्वचोभिर्वृणीमहे य ꣳ समिदन्य इन्धते.. (५) हे अग्नि! आप मनुष्य में देवत्व का विकास करने वाले हैं. हम अपनी स्तुतियों से आप की महानता का वर्णन करते हैं. हे अग्नि! आप को अन्य ऋषियों ने भी अच्छी तरह दीप्त (प्रसन्न) किया है. (५) अयमग्निः सुवीर्यस्येशे हि सौभाग्यस्य. राय ईशे स्वपत्यस्य गोमत ईशे वृत्रहथानाम्.. (६) अग्नि संपत्ति और सौभाग्य के ईश हैं. वे गौ आदि पशुओं के स्वामी हैं. संतान और धन के स्वामी हैं. शत्रुओं का नाश करने वालों के भी स्वामी हैं. (६) त्वमग्ने गृहपतिस्त्व ꣳ होता नो अध्वरे. त्वं पोता विश्ववार प्रचेता यक्षि यासि च वार्यम्.. (७) हे अग्नि! आप घर के स्वामी हैं. हमारे हिंसा रहित यज्ञ के होता (पुरोहित) हैं. आप की आराधना सभी कर सकते हैं. आप पवित्र करने वाले हैं. आप श्रेष्ठ हवि का यज्ञ कीजिए. हमें ebook converter DEMO Watermarks*