सामवेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Samaveda Samhita with Hindi Translation
डा. रेखा व्यास द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
पृष्ठ 49, कुल 310 में से
संदर्भ में पढ़ेंहे इंद्र! अंतरिक्ष में मेघों को फैला कर आप ने बरसात आदि से पृथ्वी को बढ़ाया (समृद्ध किया)। हम यजमानों के यज्ञों ने आप का यश बढ़ाया है. (७) यदिन्द्रा॒हं यथा॒ त्वमी॑शीय॒ वस्व॒ एक॒ इत्. स्तो॒ता मे॑ गो॒सखा॑ स्यात्.. (८) हे इंद्र! जैसे आप अकेले समस्त वैभव के स्वामी हैं, यदि वैसे ही मैं भी सारे वैभव का स्वामी हो जाऊं तो मेरी स्तुति करने वाले गौ आदि धनधान्य वाले हो जाएं. (८) पन्यंपन्यमित्सोतार आ धावत मद्याय. सोमं वीराय शूराय.. (९) सोमरस निकालने वाले पुरोहितो! आप शूरवीर इंद्र के लिए सोमरस अर्पित कीजिए. यह सोमरस सर्वत्र प्रशंसा के योग्य है. (९) इदं वसो सुतमन्धः पिबा सुपूूर्णमुदरम्. अनाभयिन्नरिमा ते.. (१०) हे इंद्र! आप अंतर्यामी हैं. यह सोमरस लीजिए. अपनी प्रसन्नता के लिए इसे पीजिए, जिस से आप का पेट पूरी तरह भर जाए. आप सब ओर से निर्भय हैं. (१०) दूसरा खंड उद्घेदिभि श्रुतामघं वृषभं नर्यापसम्. अस्तारमेषि सूर्य.. (१) उदीयमान इंद्र (सूर्य रूप में) श्रेष्ठ वीर, धन देने वाले व मनुष्यों के हितकारी हैं. वे उदार स्वभाव के हैं और (शत्रुओं पर) शस्त्र प्रहार करने वाले हैं. (१) यदद्य कच्च वृत्रहन्नुदगा अभि सूर्य. सर्वं तदिन्द्र ते वशे.. (२) हे इंद्र! आप जल रोकने वाले मेघ को नष्ट करते हैं. अभी उदित हुए आप से सब कुछ प्रकाशित हो रहा है. सब कुछ आप के अधीन है. (२) य आनयत्परावतः सुनीती तुर्वशं यदुम्. इन्द्रः स नो युवा सखा.. (३) हे इंद्र! तुर्वश और यदु को शत्रुओं ने दूर फेंक दिया था, आप अपनी श्रेष्ठ नीति से उन्हें फिर पास लौटा लाए. आप युवा हैं. आप हमारे मित्र हो जाइए. (३) मा न इन्द्राभ्या ३ दिशः सूरो अत्कुष्वा यमत्. त्वा युजा वनेम तत्.. (४) हे इंद्र! राक्षस चारों ओर से शस्त्र बरसाने वाले व सब ओर विचरण करने वाले हैं. आप कृपा कीजिए जिस से ऐसे राक्षस हमारी ओर न आ सकें. आप की सहायता से हम ऐसे राक्षसों को नष्ट कर सकें. (४) एन्द्र सानसि 𑓐 रयि 𑓐 सजित्वान 𑓐 सदासहम्. वर्षिष्ठमूतये भर.. (५) हे इंद्र! आप हमारे संरक्षण के लिए, भोग के लिए तथा शत्रुओं पर विजय पाने के लिए हमें बहुत सा धन दीजिए. (५) ebook converter DEMO Watermarks*