भारतकोश
सामवेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

सामवेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Samaveda Samhita with Hindi Translation

डा. रेखा व्यास द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished310 पृष्ठ

पृष्ठ 48, कुल 310 में से

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पृष्ठ 48

ऐंद्र पर्व दूसरा अध्याय पहला खंड तद्वो गाय सुते सचा पुरुहूताय सत्वने. शं यद्गवे न शाकिने.. (१) हे स्तुति करने वालो! सोम तैयार करने के बाद बहुत से यजमान जिन की स्तुति करते हैं जो धन दाता हैं, तुम उन इंद्र के लिए प्रार्थना करो. वे प्रार्थनाएं उन्हें उसी प्रकार सुख देती हैं, जिस प्रकार गायों को घास. (१) यस्ते नून ॐ शतक्रतविन्द्र द्युम्नितमो मद:. तेन नूनं मदे मदे:.. (२) हे इंद्र! आप सैकड़ों कर्म करने वाले हैं अथवा आप सैकड़ों प्रकार का ज्ञान रखने वाले हैं. वह सोमरस हम ने आप ही के लिए निकाला था. आप उस रस को पी कर आनंदित होइए और हमें भी आनंद प्रदान कीजिए. (२) गाव उप वदावटे मही यज्ञस्य रप्सुदा. उभा कर्णा हिरण्यया.. (३) हे गौओ! आप यज्ञ स्थान की ओर जाइए. आप धार्मिक यज्ञ विधाओं के लिए दूध आदि प्रदान कीजिए. आप के दोनों कान स्वर्ण से सुशोभित हैं. (३) अरमश्वाय गायत श्रुतकक्षारं गवे. अरमिन्द्रस्य धाम्ने.. (४) हे स्तुति करने वालो! इंद्र के घोड़े, गायों व इंद्र धाम के लिए पूरी तरह वैदिक स्तुतियां गाइए. (४) तमिन्द्रं वाजयामसि महे वृत्राय हन्तवे. स वृषा वृषभो भुवत्.. (५) हे इंद्र! आप उस बड़े राक्षस (वृत्रासुर) को मारने वाले हैं. आप वज्र के समान बलवान हैं. हम अपनी सहायता के लिए आप को आमंत्रित करते हैं. आप धन दाता हैं. हमें धन प्रदान कीजिए. (५) त्वमिन्द्र बलादधि सहसो जात ओजस:. त्व ॐ सन्वृषन्वृषदसि.. (६) हे इंद्र! आप शत्रुओं को हराने वाले हैं. आप बल और हृदय के धैर्य के कारण प्रसिद्ध हैं. आप वरदानों तथा मनोवांछित फलों को देने वाले हैं. (६) यज्ञ इन्द्रमवर्धयद्द्याद्भूमिं व्यवर्तयत्. चक्राण ओपशं दिवि.. (७) ebook converter DEMO Watermarks*