सामवेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Samaveda Samhita with Hindi Translation
डा. रेखा व्यास द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
पृष्ठ 54, कुल 310 में से
संदर्भ में पढ़ेंहे इंद्र! हम हर शुभ काम के शुरू में आप को आमंत्रित करते हैं. हर तरह के संग्राम (युद्ध, कष्ट) में आप को आमंत्रित करते हैं. हम अपने संरक्षण के लिए मित्र की तरह आप को आमंत्रित करते हैं. (९) आ त्वेता नि षीदतेन्द्रमभि प्र गायत. सखायः स्तोमवाहसः.. (१०) हे यज्ञ करने वाले मित्रो! आप जल्दीजल्दी आओ. आ कर बैठ जाओ. आप हर प्रकार से इंद्र की स्तुति करो. (१०) छठा खंड इद २४ ह्यन्वोजसा सुत २४ राधानां पते. पिबा त्वा ३ स्य गिर्वणः.. (१) हे इंद्र! आप धन के स्वामी हैं. आप प्रार्थना करने योग्य हैं. हम ने बहुत मेहनत से आप के लिए सोमरस निचोड़ा है. आप रुचिपूर्वक इसे ग्रहण कीजिए. (१) महाँ इन्द्रः पुरश्च नो महित्वमस्तु वज्रिणे. द्यौर्न प्रथिना शवः.. (२) हे इंद्र! आप महान हैं. आप के गुण श्रेष्ठ हैं. आप वज्रधारी हैं. आप की कीर्ति स्वर्गलोक की तरह फैले. आप के बल की चारों ओर प्रशंसा हो. (२) आ तू न इन्द्र क्षुमन्तं चित्रं ग्राभ २४ सं गृभाय. महाहस्ती दक्षिणेन.. (३) हे इंद्र! आप बड़ेबड़े हाथों वाले हैं. आप हमारे लिए यशदायी धन दाएं हाथ में लीजिए. वह धन बहुत प्रशंसनीय हो. कई लोगों द्वारा लेने योग्य हो. (३) अभि प्र गोपतिं गिरेन्द्रमर्च यथा विदे. सूनु २४ सत्यस्य सत्पतिम्.. (४) हे याजको! यज्ञ वाले इंद्र गौओं के स्वामी हैं. वे यजमानों के पालनहार हैं. वे यज्ञ के पुत्र व सत्य के रक्षक हैं. आप मन से उन की स्तुति कीजिए. (४) कया नश्चित्र आ भुवदूती सदावृधः सखा. कया शचिष्ठया वृता.. (५) हे इंद्र! आप सदा बढ़ने वाले हैं. आप विलक्षण हैं. आप किस कर्म, पूजा विधि और भेंट से हम पर कृपा करेंगे? आप किन दिव्य तेजों से भर कर हमारे पास पधारेंगे? (५) त्यमु वः सत्रासाहं विश्वासु गीर्ष्वायतम्. आ च्यावयस्यूतये.. (६) हे याजको! इंद्र बहुत से शत्रुओं का नाश करने वाले हैं. सभी स्तुतियों में इंद्र का वर्णन है. आप अपने संरक्षण के लिए उन का आह्वान कीजिए. (६) सदसस्पतिमद्भुतं प्रियमिन्द्रस्य काम्यम्. सनिं मेधामयासिषम्.. (७) हे इंद्र! आप अपूर्व, इच्छित धन देने वाले और श्रेष्ठ हैं. अपनी बुद्धि को बढ़ाने के लिए हम ने आप को प्राप्त किया. (७) ebook converter DEMO Watermarks*