सामवेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Samaveda Samhita with Hindi Translation
डा. रेखा व्यास द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
पृष्ठ 53, कुल 310 में से
संदर्भ में पढ़ेंपांचवां खंड पान्तमा वो अन्धस इन्द्रमभि प्र गायत. विश्वासाह २३ शतक्रतुं म २३ हिष्ठं चर्षणीनाम्.. (१) हे याजको (यज्ञ करने वालो)! आप इंद्र की विशेष स्तुति करें. वे शत्रुओं का नाश करने वाले हैं. सैकड़ों कर्म करने वाले हैं. वे धन दाता हैं. वे सोमरस का पान करने वाले हैं. (१) प्र व इन्द्राय मादन २३ हर्यश्वाय गायत. सखायः सोमपाव्ने.. (२) हे साधको! इंद्र हरि नामक घोड़े वाले हैं. वे सोमरस पीने वाले हैं. आप इन इंद्र को प्रसन्न करने वाली प्रार्थनाएं गाइए. (२) वयमु त्वा तदिदर्था इन्द्र त्वायन्तः सखायः. कण्वा उक्थेभिर्जरन्ते.. (३) हे इंद्र! हम आप को अपना मित्र बनाना चाहते हैं. हम आप के मित्र होना चाहते हैं. हम कण्ववंशी हैं. हम आप की स्तुति करना अपना कर्तव्य मानते हैं. हम आप की स्तुति कर रहे हैं. (३) इन्द्राय मद्धने सुतं परि ष्टोभन्तु नो गिरः. अर्कमर्चन्तु कारवः.. (४) हे इंद्र! आप प्रसन्न स्वभाव वाले हैं. हम आप के लिए निचोड़े गए सोमरस की स्तुति करते हैं. यज्ञ करने वालों से निवेदन है कि सोमरस की स्तुति करें. सोमरस पूजा योग्य है. (४) अयं त इन्द्र सोमो निपूतो अधि बर्हिषि. एहीमस्य द्रवा पिब.. (५) हे इंद्र! वेदी के आसन पर आप के लिए शुद्ध कर के सोमरस रखा हुआ है. आप इस स्थान पर शीघ्र पधारिए. आप इस सोमरस को ग्रहण कीजिए. (५) सुरूपकृत्नुमूतये सुदुघामिव गोदुहे. जुहूमसि द्यविद्यवि.. (६) हे इंद्र! आप सुंदर कार्य करने वाले हैं. हम आप को अपने संरक्षण के लिए उसी प्रकार बुलाते हैं, जिस प्रकार अच्छा दूध देने वाली गाय को पुकारा जाता है. (६) अभि त्वा वृषभा सुते सुत २३ सृजामि पीतये. तृम्पा व्यश्नुही मदम्.. (७) हे इंद्र! आप इच्छा पूरी करने वाले हैं. हम सोम यज्ञ में पीने के लिए आप को सोमरस अर्पित कर रहे हैं. आप आनंददायी सोमरस ग्रहण कीजिए. (७) य इन्द्र चमसेष्वा सोमश्चमूषु ते सुतः. पिबेदस्य त्वमीशिषे.. (८) हे इंद्र! आप के लिए सोमरस 'चमस' और 'ग्रह' नामक बरतनों में रखा हुआ है. आप इसे अवश्य ग्रहण कीजिए. आप बहुत सामर्थ्य वाले हैं. (८) योगेयोगे तवस्तरं वाजेवाजे हवामहे. सखाय इन्द्रमूतये.. (९) ebook converter DEMO Watermarks*