भारतकोश
सामवेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

सामवेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Samaveda Samhita with Hindi Translation

डा. रेखा व्यास द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished310 पृष्ठ

पृष्ठ 60, कुल 310 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 60

ग्यारहवां खंड आ व इन्द्रं कृविं यथा वाजवन्तः शतक्रतुम्. म ꣳ हिष्ठ ꣳ सिञ्च इन्दुभिः.. (१) हे यजमानो! जैसे अन्न चाहने वाले खेत को जल से सींचते हैं, वैसे ही बल (पराक्रम) चाहने वाले हम पूजनीय इंद्र को सोमरस से सींचते हैं. (१) अतश्चिदिन्द्र न उपा याहि शतवाजया. इषा सहस्रवाजया.. (२) हे इंद्र! आप सैकड़ों प्रकार के बल से पूर्ण हो कर हमारे यज्ञ में पधारिए. आप हजारों प्रकार के अन्न से युक्त हो कर हमारे यज्ञ में पधारिए. आप अनेक रस ले कर हमारे यज्ञ में पधारिए. (२) आ बुन्दं वृत्रहा ददे जातः पृच्छाद्विमातरम्. क उग्राः के ह शृण्विरे.. (३) हे यजमानो! जन्म लेते ही हाथ में बाण ले कर वृत्रासुर को मारने वाले इंद्र ने अपनी मां से पूछा कि अन्य प्रसिद्ध वीर कौनकौन से हैं. (३) बृबदुक्थ ꣳ हवामहे सूप्रकरस्नमूतये. साधः कृण्वन्तमवसे.. (४) लोक की रक्षा और पालन के लिए हम साधन सहित इंद्र को आमंत्रित करते हैं. इंद्र की बहुत स्तुति की जाती है. (४) ऋजुनीती नो वरुणो मित्रो नयति विद्वान्. अर्यमा देवैः सजोषाः.. (५) मित्र और वरुण देवता हमें सरल गति से न्याय के उत्तम पथ पर ले जाते हैं. अन्य देवताओं के साथ अर्यमा देवता भी सरल गति से हमें उस स्थान पर पहुंचाएं. (५) दूरादिहेव यत्सतो ऽ रुणप्सुरशिश्वितत्. वि भानुं विश्वथातनत्.. (६) दूर आकाश से पास आती उषा प्रकाश फैलाने वाली है, जिस से सारा जग प्रकाशित हो जाता है. (६) आ नो मित्रावरुणा घृतैर्गव्यूतिमुक्षतम्. मध्वा रजा ꣳ सि सुक्रतू.. (७) मित्र और वरुण देवता अच्छे काम करने वाले हैं. ये देवता हमारी गायों के समूह को घी, दूध से सींचें. ये देवता परलोकों को भी मधुर रस (अमृत) से सींचें. (७) उदु त्ये सूनवो गिरः काष्ठा यज्ञेष्वत्नत. वाश्रा अभिज्ञु यातवे.. (८) प्रसिद्ध गर्जना करते हुए मरुत् देवता यज्ञ में जल के समान फैलते हैं. जल का विस्तार करते हैं. उस जल को पीने के लिए रंभाती हुई गायों के समूह को घुटनों तक के पानी से जाना पड़ता है. (८) इदं विष्णुर्वि चक्रमे त्रेधा नि दधे पदम्. समूढमस्य पा ꣳ सुले.. (९) ebook converter DEMO Watermarks*

सामवेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित) · पृष्ठ 60, कुल 310 में से · BharatKosha