सामवेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Samaveda Samhita with Hindi Translation
डा. रेखा व्यास द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
पृष्ठ 72, कुल 310 में से
संदर्भ में पढ़ेंहमारा यश बढ़ाइए. (४) शचीभिर्नः शचीवसू दिवा नक्तं दिशस्यतम्. मा वा ॐ रातिरुपदसत्कदाचनास्मद्रातिः कदाचन.. (५) हे अश्विनीकुमारो! आप अपने कर्म को ही धन मानने वाले हैं. आप अपनी शक्ति से दिनरात हमारी इच्छाएं पूरी कीजिए. आप का दान कभी कम नहीं होता. आप के ही दान की तरह हमारे दान भी कभी कम न हों. (५) यदा कदा च मीढुषे स्तोता जरेत मर्त्यः. आदिद्मन्देत वरुणं विपा गिरा धर्त्तारं विव्रतानाम्.. (६) जब कभी हवि दाता यजमान के लिए मनुष्य प्रार्थना करे तब विशेष रक्षा करने वाली प्रार्थनाओं से वरुण देवता की स्तुति करे. वे वरुण पापों को दूर करने वाले व अनेक प्रकार के कर्मों को धारण करने वाले हैं. (६) पाहि गा अन्धसो मद इन्द्राय मेध्यातिथे. यः संमिश्लो हर्योर्यो हिरण्यय इन्द्रो वज्री हिरण्ययः.. (७) हे इंद्र! आप यज्ञ में मेहमान बनने वाले हैं. आप सोमरस पी कर, प्रसन्न हो कर हमारी गायों की रक्षा कीजिए. आप हरि नामक घोड़े को रथ में जोतते हैं. आप वज्र धारण करने वाले, सुंदर, हित साधने वाले और सुनहरे रथ वाले हैं. (७) उभय ॐ शृणवच्च न इन्द्रो अर्वागिदं वचः. सत्राच्या मघवान्त्सोमपीतये धिया शविष्ठ आ गमत्.. (८) हे इंद्र! आप हमारे दोनों ही प्रकार के वचन पास आ कर सुनिए. सब की प्रार्थना सुन कर यहां पधारिए और प्रसन्न होइए. हे इंद्र! आप बलवान व धनवान हैं. सोमपान के लिए आप यहां पधारिए. (८) महे च न त्वाद्रिवः परा शुल्काय दीयसे. न सहस्राय नायुताय वज्रिवो न शताय शतामघ.. (९) हे इंद्र! आप वज्र धारण करने वाले हैं. बहुत से धन के बदले भी मैं आप को नहीं छोड़ सकता हूं. हजार के बदले भी आप को नहीं बेचा जा सकता. अपार धन के बदले भी आप को नहीं बेचा जा सकता. (९) वस्याँ इन्द्रासि मे पितुरूत भ्रातुरभुज्जतः. माता च मे छदयथः समा वसो वसुत्वनाय राधसे.. (१०) हे इंद्र! आप हमारे पिता से भी ज्यादा धन वाले हैं. पालन न करने वाले हमारे भाई से भी ज्यादा धनवान हैं. आप हमारी मां के समान हैं. मुझे धनवान, अन्नवान और यशवान ebook converter DEMO Watermarks*