भारतकोश
सामवेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

सामवेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Samaveda Samhita with Hindi Translation

डा. रेखा व्यास द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished310 पृष्ठ

पृष्ठ 74, कुल 310 में से

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पृष्ठ 74

पुत्रैर्भ्रातृभिरदितिर्नु पातु नो दुष्टरं त्रामणं वचः.. (७) त्वष्टा देवताओं के शिल्पी (कारीगर) हैं. पर्जन्य देव बरसात के स्वामी हैं. ब्रह्मणस्पति देवता अपने बेटों और भाइयों के साथ हमारी रक्षा करें. देवताओं की माता अदिति हमारी रक्षा करें. अदिति दुःख दूर करने वाली और रक्षा करने वाली हमारी स्तुतियों से हम पर कृपा करें. (७) कदा चन स्तरीरसि नेन्द्र सश्चसि दाशुषे. उपोपेन्नु मघवन्भूय इन्नु ते दानं देवस्य पृच्यते.. (८) हे इंद्र! आप अहिंसक हैं. आप हवि देने वाले यजमान पर कृपा रखते हैं. आप प्रकाशमान हैं. आप की कृपा हमें प्राप्त होती है. (८) युङ्क्ष्वा हि वृत्रहन्तम हरी इन्द्र परावतः. अर्वाचीनो मघवन्सोमपीतय उग्र ऋष्वेभिरा गहि.. (९) हे इंद्र! आप वृत्रासुर का नाश करने वाले हैं. आप अपने हरि नामक घोड़े को रथ में जोतिए. आप धनवान व बलवान हैं. आप सुंदर मरुद्गणों के साथ स्वर्गलोक से यहां पधारिए. (९) त्वामिदा ह्यो नरो ऽ पीप्यन्वज्रिन्भूर्णयः. स इन्द्र स्तोमवाहस इह श्रुध्युप स्वसरमा गहि.. (१०) हे इंद्र! आप वज्र धारण करने वाले हैं. यज्ञ करने वाले यजमानों ने आप को आज भी और पहले भी सोमरस भेंट किया है. आप यज्ञ मंडप में पधारिए. स्तोत्र पढ़ने वाले यजमानों के स्तोत्र सुनिए. (१०) आठवां खंड प्रत्यु अदर्श्यायत्यु ३ च्छन्ती दुहिता दिवः. अपो मही वृणुते चक्षुषा तमो ज्योतिष्कृणोति सूनरी.. (१) अंधेरे को दूर कर के आती हुई सूर्य की पुत्री उषा सब को दिखाई दे रही है. वह अपने प्रकाश से घनघोर अंधेरे को दूर कर देती है. (१) इमा उ वां दिविष्टय उस्रा हवन्ते अश्विना. अयं वामह्वे ऽ वसे शचीवसू विंश विश ॐ हि गच्छथः.. (२) हे अश्विनीकुमारो! प्रकाश चाहने वाले यजमान आप को बुलाते हैं. मैं भी कर्म को धन मानने वाले आप को बुलाता हूं. हम अपनी रक्षा के लिए आप दोनों को बुलाते हैं. हम आप दोनों को तृप्त (प्रसन्न) करने के लिए बुलाते हैं. आप स्तुति करने वाले हर एक यजमान के पास पधारते हो. (२) ebook converter DEMO Watermarks*