सामवेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Samaveda Samhita with Hindi Translation
डा. रेखा व्यास द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
पृष्ठ 75, कुल 310 में से
संदर्भ में पढ़ेंकुष्ठः को वामश्विना तपानो देवा मर्त्यः. घ्नता वामश्मया क्षपमाणो शुनेत्थमु आद्धन्यथा.. (३) हे अश्विनीकुमारो! आप प्रकाश वाले हैं. इस पृथ्वी पर रहने वाला कौन आप को प्रकाशित कर सकता है. जो यजमान आप के लिए पत्थरों से सोम कूटकूट कर थक जाता है, वह राजा के समान इच्छानुसार भोग करने वाला होता है. (३) अयं वां मधुमत्तमः सुतः सोमो दिविष्टिषु. तमश्विना पिबतं तिरोअह्नयं धत्त रत्नानि दाशुषे.. (४) हे अश्विनीकुमारो! आप के लिए होने वाले यज्ञों में यह मीठा सोमरस तैयार किया गया है. यह सोमरस हम ने एक दिन पहले तैयार किया है. आप इस का सेवन कीजिए. आप हवि देने वाले यजमान को श्रेष्ठ धन प्रदान कीजिए. (४) आ त्वा सोमस्य गल्दया सदा याचन्नहं ज्या. भूर्णिं मृगं न सवनेषु चुक्रुधं क ईशानं न याचिषत्.. (५) हे इंद्र! आप शेर के समान शक्तिशाली हैं. आप भरणपोषण करने में समर्थ हैं. हम आप को यज्ञ में सोमरस प्रदान करते हैं. हम विजय दिलाने वाली प्रार्थना से आप से याचना करते हैं. आप हम पर गुस्सा मत कीजिए. ऐसा कौन व्यक्ति है, जो अपने स्वामी से याचना नहीं करता है. (५) अध्वर्यो द्रावया त्व सोममिन्द्रः पिपासति. उपो नूनं युयुजे वृषणा हरी आ च जगाम वृत्रहा.. (६) हे पुरोहित! आप सोमरस को जल्दी तैयार कीजिए. इंद्र जल्दी सोमरस पीना चाहते हैं. उन्होंने अपने घोड़े रथ में जोत लिए हैं. वृत्रासुर का नाश करने वाले इंद्र पहुंच भी गए. (६) अभीषतस्तदा भरेन्द्र ज्यायः कनीयसः. पुरूवसुर्हि मघवन्बभूविथ भरेभरे च हव्यः.. (७) हे इंद्र! आप सब से बड़े हैं. आप सब ओर से ला कर श्रेष्ठ धन मुझ तुच्छ मनुष्य को प्रदान कीजिए. आप धनवान हैं और युद्ध में सहायता के लिए बुलाने योग्य हैं. (७) यदिन्द्र यावतस्त्वमेतावदहमीशीय. स्तोतारमिद्धिधिषे रदावसो न पापत्वाय र सिषम्.. (८) हे इंद्र! आप जितने धन के स्वामी हैं, हम भी उतने धन के स्वामी हो जाएं. आप धन देने वाले हैं. स्तुति करने वालों को धन देने की इच्छा है. पापियों को धन देने की इच्छा नहीं है. (८) त्वमिन्द्र प्रतूर्तिष्वभि विश्वा असि स्पृधः. ebook converter DEMO Watermarks*