सामवेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Samaveda Samhita with Hindi Translation
डा. रेखा व्यास द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
पृष्ठ 91, कुल 310 में से
संदर्भ में पढ़ेंहे मरुद्गणो! आप सभी एक जैसे भाव वाले हैं. गाएं समान जाति के भाव वाली हैं. वे हर दिशा में विचरती हैं और परस्पर चाट कर प्रेम भाव को अभिव्यक्त करती हैं. (६) त्वं न इन्द्रा भर ओजो नृम्णं शतक्रतो विचर्षणे. आ वीरं पृतनासहम्.. (७) हे इंद्र! आप सैकड़ों कर्म करने वाले व विलक्षण हैं. आप हमें बलवान बनाइए. आप हमें वैभव व वीर पुत्र प्रदान करने की कृपा कीजिए. (७) अधा हीन्द्र गिर्वण उप त्वा काम ईमहे ससृग्महे. उदेव ग्मन्त उदभिः.. (८) हे इंद्र! आप प्रशंसा के योग्य हैं. जल के साथ जाने वाले लोग भी उस के समान हो जाते हैं. हम आप से अपनी इच्छा पूर्ण करने की कामना करते हैं. हम आप के पास आ कर आप की उपासना करते हैं. (८) सीदन्तस्ते वयो यथा गोश्रीते मधौ मदिरे विवक्षणे. अभि त्वामिन्द्र नोनुमः.. (९) हे इंद्र! सोमरस परिष्कृत होने के बाद गाय के दूध के साथ एकमेक हो जाता है. सोमरस ऊर्जादायी व वाणी को ओज देता है. उस के पास जैसे पक्षी इकट्ठे हो कर चहचहाते हैं, वैसे ही हम इकट्ठे हो कर आप को नमन करते हैं. (९) वयमु त्वामपूर्व्व स्थूरं न कच्चिद्भरन्तो ऽ वस्यवः. वज्रिं चित्र हवामहे.. (१०) हे इंद्र! आप वज्र वाले व विलक्षण हैं. जैसे गुणी व्यक्ति को लोग (आदर पूर्वक) बुलाते हैं, उसी प्रकार हम आप को बुलाते हैं. हम सोमरस से आप को पूरी तरह तृप्त करते हैं. हम आप की उपासना करते हैं. (१०) सातवां खंड स्वादोरित्था विषूवतो मधोः पिबन्ति गौर्यः. या इन्द्रेण सयावरीर्वृष्णा मदन्ति शोभथा वस्वीरनु स्वराज्याम्.. (१) हे इंद्र! सूर्य रूप में आप की किरणें आप के साथ शोभित होती हैं. वे किरणें स्वादिष्ट मीठे सोमरस को पीती हैं. वे किरणें स्वराज्य में शोभित होती हैं. (१) इत्था हि सोम इन्मदो ब्रह्म चकार वर्धनम्. शविष्ठ वज्रिन्नोजसा पृथिव्या निः शशा अहिमर्चन्ननु स्वराज्याम्.. (२) हे इंद्र! आप वज्रधारी व बलवान हैं. सोमरस गुणी है. इन प्रार्थनाओं में हम ने सोमरस के गुणों का वर्णन किया है. पृथ्वी पर हमारे शत्रुओं का नाश हो. पूरी तरह स्वराज्य की स्थापना हो. (२) इन्द्रो मदाय वावृधे शवसे वृत्रहा नृभिः. तमिन्महत्स्वाजिषूतिमर्भे हवामहे स वाजेषु प्र नो ऽ विषत्.. (३) ebook converter DEMO Watermarks*