भारतकोश
सामवेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

सामवेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Samaveda Samhita with Hindi Translation

डा. रेखा व्यास द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished310 पृष्ठ

पृष्ठ 94, कुल 310 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 94

श्रिय ऋष्व उपाकयोर्नि शिप्री हरीवां दधे हस्तयोर्वज्रमायसम्.. (५) हे इंद्र! आप भीम (भीषण बलवान) हैं. फिर भी आप सोमरस का पान कर के अपने बल की बढ़ोतरी करते हैं. आप सुंदर हैं. आप सिर पर अच्छी पगड़ी धारते हैं. आप रथ में घोड़ों को जोतते हैं. आप दाएं हाथ में वज्र को कड़े की भांति धारण करते हैं. (५) स घा तं वृषण २४ रथमधि तिष्ठाति गोविदम्. यः पात्र २४ हारियोजनं पूर्णमिन्द्र चिकेतति योजा न्विन्द्र ते हरी.. (६) हे इंद्र! आप गायों को जानने वाले (गोविद) हैं. आप रथ में विराजते हैं. आप का रथ शक्तिशाली है. आप अपने घोड़ों को रथ में जोतिए. आप हमारी मनोकामनाएं पूरी करने की कृपा कीजिए. (६) अग्निं तं मन्ये यो वसुरस्तं यं यन्ति धेनवः. अस्तमर्वन्त आशवो ऽ स्त॑ नित्यासो वाजिन इष २४ स्तोतृभ्य आ भर.. (७) हे अग्नि! आप बादलों में घर की तरह रहते हैं. आप की ओर यज्ञ स्थान में गाएं आती हैं. आप की ओर तीव्र गति से घोड़े आते हैं. आप की ओर हवि वाले यजमान आते हैं. हम आप की उपासना करते हैं. आप यजमानों को भरपूर अन्न प्रदान करने की कृपा कीजिए. (७) न तम २४ हो न दुरितं देवासो अष्ट मर्त्यम्. सजोषसो यमर्यमा मित्रो नयति वरुणो अति द्विषः.. (८) हे देवताओ! आप मनुष्यों को प्रगति की राह पर बढ़ाते हैं. अर्यमा, मित्र और वरुण दुराचारियों को दूर करते हैं. आप की कृपा से मनुष्य पापों से दूर रहता है. आप की कृपा से मनुष्य की दुर्गति नहीं हो पाती है. (८) नौवां खंड परि प्र धन्वेन्द्राय सोम स्वादुरुर्मिंत्राय पूष्णे भगाय.. (१) हे सोम! आप का रस सुस्वादु (स्वादिष्ट) होता है. आप इंद्र, पूषा व भग देव के लिए प्रवाहित होइए. (१) पर्य्यू षु प्र धन्व वाजसातये परि वृत्राणि सक्षणिः. द्विषस्तरध्या ऋणया न ईरसे.. (२) हे सोम! आप सोमरस से कलश को भर दीजिए. आप उस भरेपूरे द्रोणकलश में भरे रहिए. आप शक्तिमान होइए. आप दुश्मनों पर आक्रमण कीजिए. हमें आप कर्जों से मुक्त कराइए. आप हमारे शत्रुओं को हराइए. आप उन पर हमला करने के लिए जाइए. (२) ebook converter DEMO Watermarks*

सामवेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित) · पृष्ठ 94, कुल 310 में से · BharatKosha