साम्ब पुराण (श्री एस. एन. खण्डेलवाल हिन्दी व्याख्या सहित)
Samba Purana Hindi
महर्षि वेदव्यास (व्याख्याकार: श्री एस. एन. खण्डेलवाल) द्वारा
स्रोत: Sri Samba Purana with Hindi Commentary by Sri S. N. Khandelwal (उद्गम)
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संदर्भ में पढ़ें(४)
उपवासेन षष्ठ्यां च सर्वपापैः प्रमुच्यते।
प्रणिधाय शिरो भूम्यां नमस्कारं करोति यः।। (अध्याय-३८)
सूर्यषष्ठी के दिन उपवास द्वारा सभी पापों से मुक्ति मिलती है। साम्बपुराणोक्त यही सूर्यषष्ठी व्रत परम्परागत रूप से बिहार में विशेष रूप से सम्पन्न किया जाता है, जो सर्वथा शास्त्रोक्त है।
इस पुराण की विशेषता यह है कि इसके साधन-विधान की कई श्रेणियाँ हैं। इसमें वैदिक रीति से उपासना के अतिरिक्त तन्त्रोक्त सूर्योपासना का स्वरूप भी दृष्टिगोचर होता है।
मातृका-विज्ञान की साधना से शरीर-साधन का जो प्रसङ्ग इसमें वर्णित है, उसका रहस्यमय स्वरूप इस पुराण के ६१वें अध्याय में दृष्टिगोचर होता है। साथ ही रोगापनयन, मारणाभिचार, देहगत रोग-चिकित्सा आदि प्रकरणों के अध्ययन से इस पुराण का तान्त्रिक स्वरूप प्रतिपन्न हो जाता है। यह ग्रन्थ सूर्योपासकों के लिये अत्यन्त महत्त्वपूर्ण तथा अनुकरणीय है।
सूर्यषष्ठी सन् २०११ ई
एस. एन. खण्डेलवाल