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सम्पूर्ण चिकित्सा

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Sampoorna Chikitsa

राजीव दीक्षित / रोबिन बसराना (ऋषि वाग्भट्ट अष्टांगह्रदयम् आधारित) द्वारा

स्रोत: Hindi Ayurvedic Chikitsa based on Ashtanga Hridayam · Swadeshi Robin Basrana · 2018 (उद्गम)

DevanagariHindipublished115 पृष्ठ

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हनीमेन का जीवन भारतीय ऋषियों-महात्माओं जैसा अध्यात्म प्रेरित नैतिकतावादी रहा।

बहरहाल, मोटापा घटाने के लिए आप कुछ भी करें, अंततः आहार-विहार संयमित करने से ही बेहतर परिणाम मिल सकते हैं। इसमें से पहले आहार की बात की जाए तो इसका सीधा सा अर्थ यह है कि आपका अपना खान-पान ऐसा संयोजित करना होगा कि शरीर को बाहर से वसा और ऊर्जामान की आपूर्ति कम से कम हो। चूँकि वसा शरीर के लिए ऊर्जा की आवश्यकता पूरी करने के लिए अन्दर जमा चर्बी अपघटित होकर शरीर के काम आने लगेगी और इस तरह मोटापा कम होना शुरू हो जाएगा। कैलोरी कम करने के चक्कर में अक्सर लोग भोजन एकदम कम कर देते हैं। आजकल प्रचलित 'डायटिंग' का यह तरीका काफी नुकसानदेह हो सकता है और इससे आप शक्तिहीनता और कई दूसरी बीमारियों के शिकार हो सकते हैं।

दरअसल आहार को कम करने के बजाए उसे संतुलित करने की जरूरत है। भोजन में ऐसी चीजें शामिल करनी चाहिए जो कम वसायुक्त हों और जिन का ऊर्जामान (कैलोरी) कम हों, परंतु वे शरीर के लिए जरूरी पोषकता की पूर्ति करने वाली हों।

आहार संतुलन के बाद विहार में भी संतुलन जरूरी है। अर्थात् पूरे दिन में से कुछ समय आपको शारीरिक श्रम के लिए अवश्य ही निकालना चाहिए। जितनी ऊर्जा शरीर को भोजन से मिलती है अगर उससे ज्यादा श्रम में खर्च होती है तो समझिए कि मोटे लोगों के लिए सार्थक परिणाम निकल सकते हैं। आहार-विहार को संतुलित करते हुए मोटापा घटाने का फिलहाल एक कार्यक्रम दिया जा रहा है, मोटे लोग इसे अपनाएं और लाभ उठाएं -

6-7 घण्टे की पर्याप्त नींद लेने के बाद सबेरे जल्दी उठने की आदत बनाएं। उठने के बाद सबसे पहले 1 गिलास गुनगुने गर्म पानी में 2 चम्मच नींबू का रस और दो चम्मच शुद्ध शहद मिलाकर गटागट पी जाएं। अब कुछ देर टहलने के बाद शौच के लिए जाएं।

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