सम्पूर्ण चिकित्सा
Sampoorna Chikitsa
राजीव दीक्षित / रोबिन बसराना (ऋषि वाग्भट्ट अष्टांगह्रदयम् आधारित) द्वारा
स्रोत: Hindi Ayurvedic Chikitsa based on Ashtanga Hridayam · Swadeshi Robin Basrana · 2018 (उद्गम)
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संदर्भ में पढ़ें- • जीरे के पाउडर को शहद के साथ लेने पर पथरी घुलकर पेशाब के साथ निकल जाती है।
- • सफेद प्याज को कूटकर कपड़े से उसका रस निकालें। सुबह खाली पेट पीयें। इससे पथरी जल्दी टूट- टूटकर खत्म हो जायेगी।
- • सूखे आँवले का पाउडर बनायें और प्रातः काल खाली पेट मूली पर लगाकर चबा-चबाकर खायें।
- • मूली के बीजों का चूर्ण १ चम्मच शहद में मिलाकर चाटें।
गुप्त रोग
❖ शीघ्र पतन
शीघ्र पतन प्रायः उन लोगों को होता है जो प्रकृति के विरुद्ध सहवास की प्रक्रिया अपनाते हैं। हस्त मैथून, मुख मैथून करते हैं, या अत्याधिक अश्लील साहित्य पढ़ते हैं अथवा अत्यधिक सम्भोग में रत रहते हैं। इस बीमारी का प्रमुख लक्षण यह है कि संभोग के समय पुरुष स्त्री को संतुष्ट करने से पूर्व ही स्खलित हो जाता है। और इसी को शीघ्रपतन कहते हैं। कई बार तो स्त्री का आलिंगन करने या चूम्बन लेने मात्रा से ही पुरुष स्खलित हो जाता है। लेकिन घरेलू चिकित्सा करने और अच्छा साहित्य पढ़ने से यह बीमारी आसानी से दूर हो सकती है।
प्रातः काल खाली पेट एक पका हुआ केला एक चम्मच गाय के घी के साथ लगाकर एक महीने खाने से यह बीमारी दूर होती है।
- • 10 ग्राम घी + 5 ग्राम शहद + 10 ग्राम मुलहठी मिलाकर चाटें तथा गर्म दूध भी पीयें यह सहवास के पश्चात ही लें तो शीघ्रपतन धीरे-धीरे दूर होगी तथा कमजोरी भी नहीं होगी।
- • सूखा धनियाँ + मिश्री बराबर मात्रा में मिलाकर पाउडर बनायें प्रतिदिन सुबह ठंडे पानी में लेने पर काफी लाभ मिलेगा।
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